ग्वालियर । पानी की कमी से खेत सूखने और फसल खराब होने के साथ सिर पर बेटी की शादी की चिंता से परेशान किसान ने कीटनाशक पीकर जान दे दी। किसान ने रविवार सुबह कीटनाशक पी लिया था। सोमवार सुबह अस्पताल में तड़पते हुए दम तोड़ दिया।


घटना घाटीगांव के महारामपुरा गांव की है। मृतक पर साहूकारों और बैंक का लगभग 5 लाख रुपए से अधिक का कर्ज था। पानी की कमी से फसल चौपट होने और कर्जदारों के घर के चक्कर काटने से परेशान किसान के पास दूसरा कोई रास्ता नहीं था। परिजन ने फिलहाल किसी पर सीधा आरोप नहीं लगाया है। लेकिन गांव में सूखे के हालात का जिक्र जरुर कर रहे हैं।


घाटीगांव थाना क्षेत्र से तीन किलोमीटर दूर महारामपुरा गांव निवासी 50 वर्षीय विजय सिंह गुर्जर पुत्र छोटेसिंह गुर्जर किसान थे। गांव में अपनी जमीन के दम पर ही तीन बेटों और एक बेटी की जिम्मेदारी उन पर थी। पिछले कुछ साल से लगातार पानी की कमी से फसल खराब हो रही थी। इस बार उन्होंने बैंक और गांव के कुछ साहूकारों से कर्ज लिया था।


पिछले साल का भी कुछ कर्ज उन पर था। लेकिन इस बार भी मौसम ने साथ नहीं दिया। घाटीगांव के महारामपुरा में पानी की कमी से खेतों में हरियाली वैसी नहीं है जैसे पिछले कुछ सालों में होती थी। पानी नहीं मिलने से विजय के खेत में फसल खराब हो गई। इधर बेटी की शादी सिर पर थी। कर्जदार अलग घर के चक्कर लगा रहे थे।


रविवार को विजय ने एक साथ सारी परेशानियों से जूझते हुए खेत में डालने वाला कीटनाशक पी लिया। कीटनाशक पीते ही उसकी हालत बिगड़ी और परिजन उसे लेकर जेएएच पहुंचे। यहां हालत नाजुक होने पर हॉस्पिटल रोड स्थित कल्याण हॉस्पिटल पहुंचे। यहां कुछ घंटे इलाज के बाद सोमवार सुबह विजय सिंह ने दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस अस्पताल पहुंची। शव को निगरानी में लेकर मर्ग कायम कर लिया है।


लगातार सूख रहे हैं खेत-


मृतक के भतीजे रविन्द्र सिंह गुर्जर ने बताया कि ताऊ पर कितना कर्ज था साफ तो नहीं पता, लेकिन 5 से 6 लाख रुपए का कर्जा था। जो उन्होंने बेटी की शादी और फसल के लिए लिया था। घाटीगांव सर्कल में सूखे जैसे हालात हैं, लेकिन अभी तक प्रशासन ने उसे सूखाग्रस्त घोषित नहीं किया है।