प्रत्येक व्यक्ति की यही कामना होती है उसका जीवन मंगलमय हो। लेकिन केवल एेसा सोचने से ही किसी का जीवन सुख-ससृद्ध पूर्ण नहीं होता। इसके लिए कुछ एसे खास उपाय आदि बने हुए हैं, जिनको यदि व्यक्ति अपने जीवन में अपनाए तो उसके जीवन से शुभता का आगमन हो सकता है। इन उपायों को बिना किसी व्यवधान के लगातार अपने इष्ट देव पर पूर्ण श्रद्धा एवं विश्वास बनाए रखते हुए धैर्यपूर्वक चालीस या तेतालीस दिन तक करना चाहिए। परंतु यदि ऐसा समयाभाव के कारण संभव न हो, तो सप्ताह के हर आठवें दिन ये उपाय नियत अवधि तक करने चाहिए। अगर उपाय करते समय कोई  विघ्न या बाधा आ जाए तो, नए सिरे से ही उपाय आरंभ करना चाहिए, वरना किए गए उपाय कोई सकारात्मक फल प्रदान नहीं देते। आईए जानते हैं इन उपायों के बारे में-


 


धन संबंधी लाभ के लिए उपाय  

अधिक प्रयासों के बावजूद यदि धन संबंधी नुकसान न रुक रहा हो, तो प्रतिदिन कौओं को गेहूं की रोटी खिलाएं। 



यदि अकारण ही धन खर्च होता रहता है, तो शुक्ल पक्ष के शनिवार से आरंभ करते हुए प्रत्येक शनिवार को काले कुत्ते को तेल से चुपड़ी रोटी खिलाएं। 



किसी को भी दिया गया धन या कर्जा वापिस मिलने में परेशानी आ रही हो, तो


‘ॐ सूर्याय नमः 


मंत्र का जप करते हुए सूर्योदय के समय तांबे के पात्र में जल और लाल मिर्च के ग्यारह बीज मिलाकर सूर्य देव को अर्घ्य दें।


रोग निवारण के लिए उपाय  

किसी भी तरह की मानसिक परेशानी और तनाव को दूर करने के लिए प्रतिदिन हनुमान जी की उपासना करना तथा हनुमान चालीसा का पाठ करना आसान उपाय है। वहीं प्रत्येक शनिवार को शनिदेव पर सरसों का तेल चढाने से भी रोगों से मुक्ति मिलने लगती है। इसके अलावा हनुमान जी और शनि देव के मंत्रों का उच्चारण करें।


मंत्र

‘ॐ हनुमते नमः’



मंत्र

ॐ सूर्यपुत्रों दीर्घदेहोविशालाक्ष: शिवप्रिय:।



दवाएं सेवन के बावजूद किसी रोग के ठीक होने में देरी होने पर मरीज के सोने के कमरे में एक कटोरी में सेंधा नमक के टुकड़े रख देने चाहिए।



शहद में चंदन मिलाकर मरीज को चटाने, रविवार को बूंदी के सवा किलो लड्डू का प्रसाद मंदिर में चढ़ाकर वितरित करने और मंदिर में गुप्त दान करते हुए स्वास्थ्य लाभ की कामना करने से भी रोग निवारण में शीघ्र लाभ मिलने लगता है।