होली व दीवाली ऐसे विशेष अवसर हैं जब हर प्रकार की साधनाएं, तांत्रिक क्रियाएं तथा छोटे-छोटे उपाय भी सार्थक हो जाते हैं। आर्थिक परेशानी बनी हुई है तो होली के दिन सायंकाल स्नान कर कोरे सूती वस्त्र पहनकर कमलगट्टे की माला से एक माला महालक्ष्मी के मंत्र ओम महालक्ष्म्यै नम: का जाप करें। इसके बाद वही माला पहनकर होलिका के समीप घी का दीपक लगाएं। घर में कोई न कोई बीमार रहता हो या बीमारियों पर खर्च अधिक हो रहा हो तो होलिका दहन के दिन सायंकाल बीमार व्यक्ति के सिर से सात बार पीली सरसों और फिटकरी उतार कर उसे होलिका दहन में डाल आएं। साथ में एक सूखा नारियल भी डालें। इससे बीमारियों से जल्द मुक्ति मिलती है।



दुकान, आफिस, फैक्टरी या मकान में अक्सर होने वाली या अचानक चोरी या नुक्सान, के बचाव हेतु-सूखा नारियल और तांबे का पैसा घर या दुकान में सात बार चारों कोनों में घुमा कर होलिका में डालें।



आर्थिक परेशानियों से निजात पाने के लिए होली के दिन पांच सफेद कौड़िय़ों को उन्हें लाल कपड़े में बांध कर तिजोरी में रखें।



व्यापार में हानि रोकने के लिए होलिका दहन की शाम को घर के मुख्यद्वार की चौखट पर गुलाल छिड़ककर आटे का दोमुखी दीपक लगाएं। दीपक लगाते समय अपनी परेशानियों का अंत करने के लिए अपने इष्ट देव से प्रार्थना करें। दीपक ठंडा होने के बाद उसे जलती होली में डाल आएं। 



यदि व्यापार में लगातार घाटा या आर्थिक हानि हो रही है तो होलिका दहन की सायं दुकान या मकान के मुख्य द्वार की चौखट पर गुलाल छिड़कें, उस पर आटे का बना चार मुखी दीपक जलाएं। उस दीपक को जलती होलिका में डाल आएं।