डॉक्टर प्रणव पंड्या 

प्रेम, आनंद और मस्ती का त्योहार हर देश में मनाया जाता है और सभी की मूल भावनाएं एक जैसी होती हैं। अपने देश में होली ऐसा ही एक त्योहार है जिसमें दुश्मनों को भी गले लगाकर लोग रंग गुलाल लगाते हैं और दोस्ती की नई शुरुआत करते हैं। दूसरे देशों में प्रकृति के संग आनंद मनाने के इस त्योहार का नाम अलग है लेकिन अंदाज काफी कुछ अपने देश की होली से मिलता जुलता है।

रोम में होली जैसा त्योहार रेडिका 

रोम में ‘रेडिका’ नाम से एक त्योहार मई में मनाया जाता है। इसमें किसी ऊंचे स्थान पर काफी लकड़ियां इकट्ठी कर ली जाती हैं और उन्हें जलाया जाता है। इसके बाद लोग झूम-झूमकर नाचते-गाते हैं एवं खुशियां मनाते हैं। इस अवसर पर आतिशबाजी के खेल खेले जाते हैं। इटली वासियों की मान्यता के अनुसार यह त्योहार अन्न की देवी फ्लोरा को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है। 

यूनान का पोल उत्सव 

यूनान में 'पोल’ नाम का उत्सव मनाया जाता है। इसमें लकड़ियां इकट्ठी की जाती हैं और उन्हें जलाया जाता है। इसके बाद लोग झूम-झूमकर नाचते-गाते हैं। इस अवसर पर उनकी मस्ती देखते ही बनती है। यहां पर यह उत्सव यूनानी देवता ‘टायनोसियस’ की पूजा के अवसर पर आयोजित होता है। 


जर्मनी में मनाया जाता है ऐसे त्योहार 

जर्मनी में रैनलैण्ड नाम के स्थान पर होली जैसा त्योहार एक नहीं पूरे सात दिनों तक मनाया जाता है। इस समय लोग अटपटी पोशाक पहनते हैं और अटपटा व्यवहार करते हैं। बच्चे-बूढ़े सभी एक-दूसरे से मजाक करते हैं। इन दिनों किसी तरह के भेद-भाव की कोई गुंजाइश नही रहती। इस दौरान की गई मजाक का कोई बुरा भी नहीं मानता। 


पोलैण्ड का अर्सीना त्योहार 

पोलैण्ड में होली के ही समान ‘अर्सीना’ नाम का त्योहार मनाया जाता है। इस अवसर पर लोग एक दूसरे पर रंग डालते हैं। और एक-दूसरे के गले मिलते हैं। पुरानी शत्रुता भूलकर नए सिरे से मैत्री सम्बन्ध स्थापित करने के लिए यह श्रेष्ठ उत्सव माना जाता है। चेकोस्लोवाकिया में ‘बलिया कनौसे’ नाम से एक त्योहार बिल्कुल होली के ढंग से ही मनाया जाता है। इस अवसर पर लोग आपस में एक-दूसरे पर रंग डालते हैं और नाचते-गाते हैं। 


अफ्रीका में ऐसे मनाया जाता है त्योहार 

अफ्रीका महाद्वीप के कुछ देशों में ‘ओमेना बोंगा’ नाम से जो उत्सव मनाया जाता है। इसमें हमारे देश में होली में जैसे होलिका को जलाया जाता है ठीक उसी प्रकार ओमेना बोंगा में एक जंगली देवता को जलाया जाता है। इस देवता को ‘प्रिन बोंगा’ कहते हैं। इसे जलाकर लोग नाचते गाते हैं और नई फसल के स्वागत में खुशियां मनाते हैं। मिस्र में भी कुछ होली की ही तरह नई फसल के स्वागत में आनन्द मनाते हैं। इस अवसर पर पारम्परिक हंसी-मजाक के अतिरिक्त एक अत्यन्त आकर्षक नृत्य एवं नाटक भी प्रस्तुत किया जाता है। 


श्रीलंका में ऐसे मनाते हैं होली 

श्रीलंका में तो होली का त्योहार बिल्कुल अपने देश की ही तरह मनाया जाता है। वहां बिल्कुल ठीक अपनी होली की ही भांति रंग-गुलाल और पिचकारियां सजती हैं। लोग एक दूसरे को गुलाल लगाते हैं। थाईलैण्ड में इस त्योहार को ‘साँग्क्रान’ कहते हैं। इस अवसर पर थाईलैण्ड के निवासी मठों में जाकर भिक्षुओं को दान देते हैं और आपस में एक-दूसरे पर सुगन्धित जल छिड़कते हैं।