मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक छात्रा की गुहार पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक्शन लेते हुए स्कूल के पास बनी शराब की दुकान को हटाने का आदेश दे दिया. छात्रा ने चिट्ठी लिखकर इसे हटाने का अनुरोध किया था.


दरअसल ग्वालियर शहर स्थित कॉन्वेंट गर्ल्स स्कूल में पढ़ने वाली एक छात्रा की मां ने ग्वालियर कलेक्टर राहुल जैन को एक चिट्ठी लिखी थी. चिट्ठी स्कूल से कुछ ही कदम की दूरी पर बनी देशी शराब की दूकान को लेकर थी. कलेक्टर ने इस मामले को जब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तक पहुंचाया तब सीएम ने इस शिकायत को गंभीरता से लिया और नई नीति तैयार कराकर उस दुकान को बंद करने के आदेश दिए. इस फैसले से स्कूल की छात्राएं बहुत खुश है.


शहर के लक्ष्मीबाई कॉलोनी में रहने वाली छात्रा स्मृद्धि सिंह ने सालभर पहले फालका बाजार स्थित गर्ल्स कॉन्वेंट स्कूल में छठवी क्लास में दाखिला लिया था. इस स्कूल से कुछ ही मीटर दूरी पर देशी शराब का ठेका संचालित हो रहा था. स्मृद्धि जब भी स्कूल जाती थी तब उसे वहां से निकलने में परेशानी होती थी. समृद्धि ने अपनी मां सुजाता के जरिए कलेक्टर को चिट्ठी लिखकर परेशानी बताई.

छात्राओं की परेशानी को देखते हुए जिला प्रशासन ने यह बात सरकार तक पहुंचाई. सरकार ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए गर्ल्स स्कूल और हॉस्टल के दायरे में आने वाली शराब दुकानों को एक अप्रैल से बंद करने के आदेश दे दिए थे. शिवराज मामा के इस फैसले के बाद उनकी भांजियां भी खुश है. इस फैसले के बाद अब वहां से पांच और शराब की दुकानें भी हटाई जा रही है.


सीएम ने 'दिल से' में की थी घोषणा: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पास ग्वालियर सहित प्रदेशभर से इस तरह की शिकायतें पहुंचीं थीं, जिनमें बताया गया था कि गर्ल्स स्कूल व होस्टलों के पास शराब दुकानें खुली हुई हैं.इसको लेकर मुख्यमंत्री ने अपने रेडियो कार्यक्रम 'दिल से' में छात्राओं की सुरक्षा के मद्देनजर ऐसी दुकानों को बंद करने की घोषणा की थी.