शुक्रवार दि॰ 23.2.18 फाल्गुन शुक्ल अष्टमी को दुर्गाष्टमी पर्व मनाया जाएगा। शास्त्रनुसार प्रत्येक माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी पर दुर्गाष्टमी मनाई जाती है। देवी को वार के अनुसार भोग लगाया जाता है। शुक्रवार होने के कारण महादेवी के श्रीदेवी स्वरूप का पूजन किया जाएगा। श्रीदेवी अर्थात षोडशी जगदंबा का ही एक रूप है। षोडशी को शास्त्रों ने श्रीविद्या कहा है जो की मूलप्रकृति शक्ति की सबसे मनोहर बालस्वरुपा श्री विग्रह वाली देवी हैं। 16 वर्षीय षोडशी चतुर्भुजी, त्रिनेत्री, वर अभय ज्ञान व तप की मुद्रा धारण करती है। कमल आसन पर "क" आकार में विराजित श्रीदेवी को ललिता व राजराजेश्वरी नाम से भी जाना जाता है। शास्त्रों में इनके दो वर्ण भेद बताए गए हैं पहला श्यामा व दूसरा अरुणा। श्यामा भेद में यह दक्षिणकालिका हैं व अरुणा भेद में यह षोडशी हैं। इनकी 16 कलाओं के कारण ये षोडशी कहलाती हैं। भगवती के चारों दिशाओं में चार और एक ऊपर की ओर मुख होने से इन्हें पंचवक्रा भी कहा जाता है। शुक्रवारिय फाल्गुनी दुर्गाष्टमी पर श्रीदेवी के विशेष व्रत पूजन व उपाय से कुंवारों को सुंदर जीवनसाथी प्राप्त होता है, दांपत्य में प्रेम बढ़ता है व जीवन में ऐश्वर्य आता है।



संध्या के समय गुलाबी वस्त्र पर श्रीदेवी का चित्र स्थापित कर उत्तरमुखी होकर विधिवत पूजन करें। घी का दीप करें, चंदन धूप करें, गुलाबी फूल चढ़ाएं, गुलाल चढ़ाएं, इत्र चढ़ाएं, खीर का भोग लगाएं तथा इस विशेष मंत्र का 1 माला जाप करें। पूजन के बाद भोग किसी सुहागन को भेंट करें।



पूजन मुहूर्त: शाम 17:25 से शाम 18:25 तक। 

पूजन मंत्र: ऐं ह्रीं श्रीं ललितायै नमः॥ 



उपाय

जीवन में ऐश्वर्य हेतु देवी ललिता पर चढ़ा आटा किसी ब्राह्मणी को भेंट करें। 



दांपत्य में प्रेम हेतु देवी ललिता के समक्ष गौघृत का षडमुखी दीपक करें।



सुंदर जीवनसाथी की प्राप्ति हेतु महादेवी पर भोग लगा दही-शहद सफेद गाय को खिलाएं।