वैसे तो संतोषी मां के दुनिया में कई प्रचीन मंदिर है, जहां संतोषी मां विराजमान है। लेकिन मान्यता अनुसार राजस्थान के जोधपुर में संतोषी माता का एक बहुत ही विख्यात मंदिर है। इस मंदिर को संतोषी मां का वास्तविक मंदिर माना जाता है। जहां पूरे विश्व में माता के शक्ति रूप की पूजा होती है, वहीं यहां माता के भक्ति रूप की आराधना की जाती है। यह मंदिर प्रगट संतोषी माता मंदिर के रूप में विख्यात है।



यह मंदिर मंडोर के मार्ग में स्थित है और यहां प्राकृतिक सौन्दर्य का भरपूर आनंद देखने को मिलता है। इसके पास लालसागर नाम का एक सरोवर है जो मंदिर के पास होने के कारण बेहद प्रचलित है और इसके आस-पास काफी हरियाली है। इस प्राचीन मंदिर के इर्द गिर्द बरगद, नीम, पीपल आदि के कई घने वृक्ष हैं। यहां मंदिर के ऊपर पहाड़ी विशेष स्वरूप में नजर आती है।श्रद्धालुओं के अनुसार इस पहाड़ी को देखकर एेसा प्रतीत होता है कि जैसे शेषनाग अपने फन से संतोषी माता को छाया प्रदान कर रहा है। 



पहाड़ी के अंदर ऊपरी भाग में प्राकृतिक रूप से माता और सिंह के पदचिंह की प्रतिकृति दिखाई देती है। मंदिर के पास ही एक अमृत कुण्ड है। यहां एक हरा भरा वृक्ष है, जिसका आकार कई वर्षों से एक जैसा है। यहां एक झरना भी है, जहां शिव की मूर्ति प्रतिष्ठित है। 


मंदिर के प्रांगण में एक विशेष पेड़ लगा है। नीम नारायण के नाम से प्रसिद्ध बरसों पुराने इस वृक्ष में तने नीम के हैं, लेकिन उसके ऊपर पीपल भी उगा हुआ है। ऐसी मान्यता है कि इसके पवित्र मौली (लाल धागा) बांधने से व्यक्ति की मन्नत पूरी होती है।