नई दिल्ली । दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश के साथ हुई बदसलूकी और हाथापाई के मामले में दूसरे प्रमुख आरोपी अोखला विधायक अमानतुल्लाह खान ने बड़े नाटकीय अंदाज में बुधवार को दिल्‍ली के जामिया थाने में सरेंडर कर दिया है। दिल्‍ली पुलिस को उनकी तलाश थी। पुलिस इस मामले में देवली से AAP विधायक प्रकाश जारवाल को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।


दिल्‍ली पुलिस अमानतुल्लाह खान की खोजबीन में जुटी ही थी कि बुधवार को 11 बजे वह अचानक अपने समर्थकों के साथ प्रकट हो गए। जामिया थाने में अमानतुल्लाह खान के साथ काफी संख्या में उनके समर्थक भी मौजूद थे। सरेंडर करने से पहले विधायक ने मीडिया से बातचीत में कहा कि हमने कुछ गलत नहीं किया है। अमानल्तुलाह ने कहा कि मुख्य सचिव भारतीय जनता पार्टी के इशारे पर काम कर रहे हैं। साथ ही उन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे दिल्ली सरकार को गिराने का माहौल बना रहे हैं। AAP विधायक ने दिल्ली सरकार के मंत्री के साथ मारपीट का भी आरोप लगाया है।

विधायक अमानतुल्लाह ने मुख्य सचिव पर भाजपा के इशारे पर बोलने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके साथ मारपीट के आरोप पूरी तरह गलत हैं। 


केंद्र पर बोला हमला


ओखला से AAP विधायक ने कहा कि हम डरने वाले नहीं हैं। जनता हमारे साथ है। गृह मंत्रालय के दवाब में दिल्ली में हमारे साथ पहले दिन से साजिश हो रही है। उन्होंने दावा किया कि मारपीट का एक भी सबूत नहीं है। मंत्री और सलाहकार को पीटा गया, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। हम भी विधायक हैं। हमारी बात नहीं सुनी जा रही है।

वहीं, आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायकों के साथ अब दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की भी मुसीबत बढ़ती दिखाई दे रही है। मुख्य सचिव से मारपीट मामले में दिल्ली पुलिस ने दिल्ली सीएम केजरीवाल के सलाहकार वीके जैन को हिरासत में ले लिया है।


सीएम अरविंद केजरीवाल के सलाहकार को हिरासत में लेने के मामले में पुलिस का कहना है कि वीके जैन से मामले को लेकर पूछताछ करनी है। हिरासत या गिरफ्तारी जैसी कोई बात अभी नहीं है।


आरोेप है कि वीके जैन ही वह शख्स हैं जिन्होंने मुख्य सचिव अंशु प्रकाश को केजरीवाल के आवास पर मीटिंग के लिए बुलाया था। बुधवार सुबह इस मुद्दे पर पत्रकारों ने केजरीवाल से बातचीत की कोशिश की, लेकिन वह बिना सवालों का जवाब दिए निकल गए। 


बता दें कि इससे पहले मुख्य सचिव से मारपीट मामले में कार्रवाई करते हुए प्रकाश जारवाल को दिल्ली पुलिस ने मंगलवार आधी रात को गिरफ्तार कर लिया था। मुख्य सचिव ने शिकायत दर्ज कराई थी जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने देर रात प्रकाश जरवाल को गिरफ्तार किया। विधायक प्रकाश जारवाल के खिलाफ आईपीसी के सेक्शन 186, 353, 323, 342, 504, 506 (2) और 120 बी व 34 के तहत केस दर्ज किया गया था। 

जानकारी के मुताबिक, देवली से विधायक जारवाल को पुलिस उनके आंबेडकर नगर आवास से गिरफ्तार कर सिविल लाइंस पुलिस स्टेशन ले गई जहां उनसे रात भर पूछताछ जारी रही। प्रकाश जारवाल को दोपहर 1 बजे के बाद तीस हजारी कोर्ट में पेश किया जाएगा।

गिरफ्तारी की पुष्टि खुद दिल्ली पुलिस के स्पेशल सीपी दीपेंद्र पाठक ने की थी। वहीं, बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की 12 टीमों जगह-जगह छापेमारी कर रही हैं। जानकारी सामने आ रही है कि सभी आरोपी AAP विधायक घरों से फरार हैं, साथ ही उनके मोबाइल फोन भी बंद हैं, जिससे पुलिस को उन तक पहुंचने में परेशानी आ रही है। सूत्रों के मुताबिक, फरार आरोपियों की तलाश में दिल्ली से सटे यूपी, हरियाणा और राजस्थान में छापेमारी की जा रही है। मुख्य सचिव की शिकायत पर पुलिस ने अजय दत्त, अमानतुल्लाह खान , ऋतुराज झा, नितिन त्यागी, संजीव झा, प्रवीण कुमार, मदानलाल, राजेश गुप्ता, राजेश ऋषि समेत 11 AAP विधायकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

दिल्ली पुलिस AAP विधायक अमानतुल्लाह खान की तलाश में रातभर छापेमारी कर रही, जो अब भी जारी है।मुख्य सचिव अंशू प्रकाश की एफआइआर में दूसरा नाम अमानतुल्लाह का ही है।


शादी में जा रहे थे प्रकाश जारवाल


आप के काउंसलर प्रेम चौहान ने बताया कि प्रकाश जरवाल अपने सहयोगियों के साथ एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए जा रहे थे। दिल्ली पुलिस ने रात करीब 11 बजे खानपुर ट्रैफिक सिग्नल के पास उनकी गाड़ी को रोक लिया।


बता दें कि दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार एक नए और शर्मनाक विवाद में फंस गई है। सरकार के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश ने मंगलवार को सनसनीखेज आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास पर सोमवार आधी रात को सत्तारूढ़ विधायकों ने उन्हें धमकी देते हुए बुरी तरह मारा-पीटा।


पूरा वाकया केजरीवाल और उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के सामने हुआ। मुख्य सचिव ने उपराज्यपाल अनिल बैजल से मिलकर घटना की जानकारी दी। उनकी शिकायत पर सिविल लाइंस थाने में कुल 11 विधायकों पर केस दर्ज किया गया है। इसमें अमानतुल्लाह खां नामजद हैं। देर रात मुख्य सचिव का मेडिकल कराया गया। वीडियो फुटेज के आधार पर देवली के विधायक प्रकाश जारवाल को गिरफ्तार कर लिया गया है।


पुलिस की 12 टीमें अमानतुल्लाह समेत बाकी आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही हैं। इन सभी के फोन बंद बताए जा रहे हैं। एफआइआर के मुताबिक, मुख्यमंत्री के सलाहकार वीके जैन ने मुख्य सचिव को सोमवार की रात पौने नौ बजे फोन पर कहा कि सरकार के तीन साल पूरा होने पर कुछ टीवी विज्ञापनों के प्रसारण में हो रही देरी पर बातचीत होगी।


इसके लिए रात 12 बजे मुख्यमंत्री आवास पहुंचना है। वहां सीएम व उप मुख्यमंत्री उनसे विचार-विमर्श करेंगे। जैन ने रात नौ बजे और फिर घंटे भर बाद भी फोन किया। इससे पहले शाम 6.55 बजे उप मुख्यमंत्री ने भी उन्हें फोन कर रात 12 बजे सीएम आवास आने को कहा। रात 11.20 बजे जैन ने फिर फोन किया। सीएम आवास पर पहुंचने पर मुख्य सचिव को जैन मिले और उन्हें एक कमरे में ले गए।


वहां मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री सहित 11 विधायक व अन्य लोग थे। वह तीन सीट वाले सोफे पर अमानतुल्लाह और एक अन्य व्यक्ति के साथ बैठे। इस बीच एक विधायक ने कमरे का दरवाजा बंद कर दिया।  बकौल अंशु प्रकाश, मुख्यमंत्री ने उन्हें विज्ञापन पास करने में हो रही देरी पर विधायकों के सवालों का जवाब देने को कहा।


इस पर अंशु प्रकाश ने कहा कि विज्ञापन का प्रसारण सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देश पर ही संभव है। इस पर कई विधायक चिल्लाने और गालियां देने लगे। एक ने धमकाया कि विज्ञापन रिलीज नहीं हुए तो पूरी रात बंदी बना लेंगे। साथ ही एससी-एसटी एक्ट में झूठा फंसा देंगे। एक विधायक ने जातिसूचक शब्द कहते हुए जान से मारने की धमकी दी।


इसी दौरान सोफे पर बैठे अमानतुल्लाह व एक अन्य विधायक मुख्य सचिव को पीटने लगे। उन्हें सिर पर मारा गया, जिससे उनका चश्मा गिर गया। वह लिफ्ट की ओर बढ़े तो खींचकर मारा गया। उनका मोबाइल फोन छीनकर तोड़ दिया गया। बकौल अंशु प्रकाश, वह किसी तरह जान बचाकर कमरे से भागे और बाहर अपनी गाड़ी लेकर वहां से निकल गए।


उधर, मुख्यमंत्री कार्यालय ने मुख्य सचिव के आरोपों को निराधार बताया है। आप के मुताबिक, मारपीट नहीं हुई। मुख्य सचिव को दिल्ली में आधार को राशन कार्ड से जोड़ने में आ रही दिक्कतों पर वार्ता के लिए बुलाया गया था।


केंद्र ने रिपोर्ट मांगी


केंद्र ने पूरी घटना पर एलजी से रिपोर्ट मांगी है। दिल्ली समेत उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, कर्नाटक राज्यों के आइएएस एसोसिएशनों ने केजरीवाल सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। दिल्ली के अफसरों ने मंगलवार को काली पट्टी बांधकर काम किया। हरियाणा के आइएएस आज काली पट्टी बांधकर काम करेंगे।


केजरीवाल की माफी पर अड़े दिल्ली के अधिकारी


दिल्ली आइएएस एसो. की सचिव मनीषा सक्सेना ने हमले को साजिश, जबकि उप्र आइएएस एसोसिएशन ने इसे संविधान पर हमला बताया है। उन्होंने कहा कि अब दिल्ली सरकार में तैनात आइएएस मंत्री के घर बैठक में नहीं जाएंगे। आफिस के बाद मंत्री या विधायक का फोन नहीं उठाएंगे। केजरीवाल जब तक माफी नहीं मांगते, उनकी बैठकों का बहिष्कार होगा। गृह मंत्री राजनाथ सिंह व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से भी शिकायत की जाएगी।