मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने दो कर्मचारियों को क्रमोन्नति का लाभ 22 माह बाद भी न देने के मामले में जल संसाधन विभाग के पूर्व प्रमुख सचिव राधेश्याम जुलानिया सहित सात अधिकारियों को आदेश की अवहेलना का दोषी पाया है. इन्हें अपनी सफाई पेश करने के लिए कारण बताओ नोटिस दिए हैं. हाईकोर्ट ने इन सभी को 5 मार्च को हाजिर होने के निर्देश दिए हैं.


दरअसल यह पूरा मामला 15 जुलाई 2015 को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट द्वारा दिए गए आदेश का पालन न करने का है, जिसमें हाईकोर्ट ने बालाघाट लांजी निवासी खेलेश्वर भार्गव और धीरज दास भारद्वाज को क्रमोन्नति देने के आदेश दिए थे. बावजूद इसके 22 माह बाद भी कर्मचारियों को लाभ नहीं दिया गया है. आदेश का पालन न होने पर कर्मचारियों ने 2015 में ही अवमानना याचिका दायर कर दी थी लेकिन इसके बावजूद जल संसाधान विभाग के अधिकारी मामले में अड़ियल रवैया अपना रहे हैं.


मामले में अफसरों के रुख को देखते हुए अदालत ने जल संसाधन विभाग के पूर्व प्रमुख सचिव राधेश्याम जुलानिया, सिवनी जिले के तत्कालीन चीफ इंजीनियर अजित कुमार जैन, तत्कालीन इंजीनियर इन चीफ एमजी चौबे और अन्य अधिकारियों को अवमानना का दोषी पाया है. वहीं अपनी सफाई पेश करने के लिए इन्हें कारण बताओ नोटिस दिए हैं. मामले की अगली सुनवाई 5 मार्च को होगी, जिसमें पेश होने के  निर्देश हाईकोर्ट ने दिए हैं.