वायुसेना के ग्रुप कैप्टन अरुण मारवाह को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी (आईएसआई) के हनीट्रैप में फंसने के बाद अब भारतीय सेना के एक लेफ्टिनेंट कर्नल भी संदेह के घेरे में हैं. मध्य प्रदेश के जबलपुर में पदस्थ इस सैन्य अफसर को खुफिया एजेंसियों ने अपनी गिरफ्त में ले लिया है. आशंका है कि आईएसआई के हनी ट्रैप में फंसकर इस कुछ अहम जानकारियां दुश्‍मन को लीक कर दी है.


सैन्य सूत्रों के अनुसार, हनी ट्रैप का कथित मामला जबलपुर में 506 आर्मी बेस वर्कशॉप से जुड़ा हुआ है. एक लेफ्टिनेंट कर्नल पर गोपनीय दस्तावेज लीक करने का आरोप लगा है. इस मामले में लखनऊ कमांड हैडक्वार्टर के इंटेलिजेंस ब्यूरो ने मंगलवार रात को दबिश देते हुए लेफ्टिनेंट कर्नल को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है.


बताया जा रहा है कि बेहद खुफिया तरीके से की गई इस कार्रवाई में जांच के घेरे में आए अफसर के दफ्तर को सील कर दिया गया है. जांच अधिकारियों ने कई फाइलों को जब्त कर लिया है. इसके अलावा हार्ड डिस्क को भी जांच के लिए कब्जे में ले लिया गया है.


आशंका जताई जा रही है कि हनी ट्रैप में फंसकर इस अफसर ने कई गोपनीय जानकारियां दुश्मन से शेयर कर दी है. कुछ समय पहले ही आर्मी अफसर के अकाउंट में एक करोड़ की रकम ट्रांसफर होने की बात भी सामने आ रही है. हालांकि, अब तक किसी भी बात की आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हो सकी है. अतिसंवेदनशील मामला होने की वजह से कोई भी अधिकारी इस बार पर बात करने के लिए तैयार नहीं है.