मध्य प्रदेश के बड़वानी में मंगलवार को महाशिवरात्रि के भंडारे में खाना खाने से करीब 1500 लोग बीमार हो गए. जिसने जिले की स्वास्थ्य सुविधाओं की पोल खोलकर रख दी है. फूड पॉइजनिंग से पीड़ित मरीजों के इलाज के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई. टैंट लगाकर मरीजों का उपचार किया जा रहा है. सरकारी अस्पताल के साथ-साथ दो प्राइवेट हॉस्पिटल में उपचार चल रहा है.

शिवरात्रि के इस पर्व पर दहीबेडा स्थित आश्रम में भंडारे में प्रसाद ग्रहण करने के बाद कई लोगों को पेट दर्द और उल्टी की शिकायत हुई. ग्रामीणों ने पुलिस को सुचना दी, लेकिन प्रशासन काफी देर बात हरकत में आया.

ग्रामीणों ने बसों और प्राइवेट संसाधनों से पीडितों को बडवानी अस्पताल में ले जाना शुरू कर दिया. जब पीड़ितों की संख्या बढ़ने लगी, तो प्रशासन ने खुले मैदान में इलाज शुरू करने के लिए टेंट लगाकर परिजनों के बैठने और सामान्य मरीजों के बैठने की व्यवस्था कर दी.

इतना ही नहीं कई मरीजों को प्राइवेट अस्पताल भेज दिया गया. जहां उन्हें दवाइयों के लिए पैसों का भुगतान करना पड़ा. बड़वानी के कलेक्टर ने बताया कि मरीज के गंभीर स्थिति में होने पर ही अतिरिक्त सेवाएं दी जाएंगी.

उन्होंने बताया कि जिला चिकित्सालय में अचानक मरीजों के बढ़ने के बाद वैकल्पिक व्यवस्था की गई हैं. निजी अस्पतालों द्वारा दवाई के पैसे लिए जाने पर उन्होंने कहा कि शुरुआत में इस प्रकार की शिकायत मिलने पर प्रशासन ने प्राइवेट अस्पताल में दवाइयां मुहैया करवा दी थी, जिसके बाद निजी अस्पतालों में ग्रामीणों को दवा निशुल्क दी गई.