सीएम के गृह विधानसभा क्षेत्र में दर्जनों गांव के गुस्साएं ओला पीड़ित किसान अपनी खराब फसल को लेकर सोमवार की शाम नसरुल्लागंज तहसील कार्यालय पहुंचे. किसान तत्काल मुआवजा और बीमा क्लेम देने की मांग करते हुए देर रात से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं. स्थिति बिगड़ते देख देख स्थानीय एसडीएम हरी सिंह चौधरी ने गुस्साएं किसानों को खूब समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसान टस से मस नहीं हुए.


किसान और एसडीएम के बीच काफी देर तक गरमागरमी की स्थिति बनी रही. वहां मौजूद सभी किसानों ने तहसील परिसर में ही रात गुजारी और प्रशासन के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की.


किसानों ने मुआवजे की मांग को लेकर पदयात्रा निकालकर एसडीएम कार्यालय के सामने भूख हड़ताल शुरू कर दी. किसानों का कहना है कि प्राकृतिक आपदा ने हमारी पूरी फसल चौपट कर दी है. ऐसे में हमें त्वरित सहायता दी जाएं न कि हर बार की तरह कोई झूठा आश्वासन.


बीते सोमवार की शाम से ही लगभग एक दर्जन गांवों के किसानों के जत्थे हाथों में खराब फसल लिए सड़कों पर पैदल नारेबाजी करते हुए निकले. मंगलवार की सुबह से ही किसानों ने धरना स्थल पर फिर से आना शुरू कर दिया है.


बीते रविवार को हुई ओलावृष्टि ने किसानों की तीन माह की मेहनत पर पानी फेर दिया है. अब ओलावृष्टि से प्रभावित किसान प्रशासन से मदद की आस लगाए हुए हैं. इसके लिए प्रदर्शन और विरोध भी शुरू हो गया.