भोपाल : मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि किसानों को उनकी मेहनत का पूरा मूल्य दिलाने के लिये मुख्यमंत्री कृषि उत्पादकता योजना लागू की जायेगी। इस योजना में गेहूँ और धान पर समर्थन मूल्य के अतिरिक्त 200 रुपये प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि दी जायेगी। भावांतर भुगतान योजना जारी रखी जायेगी। हाल ही में हुई ओला वृष्टि से प्रभावित फसलों के नुकसान की भरपाई राहत राशि और फसल बीमा को मिलाकर की जायेगी।


मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आज यहाँ जम्बूरी मैदान में भावांन्तर भुगतान योजना के प्रमाण-पत्र वितरण और कृषि महोत्सव के अंतर्गत आयोजित किसान महा-सम्मेलन में यह घोषणाएँ की। उन्होंने सम्मेलन में भावांतर राशि के प्रमाण-पत्र वितरित किये तथा 3 लाख 98 हजा किसानों को 620 करोड़ की भावांतर राशि ऑनलाइन ट्रांसफर की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने इस महा-सम्मेलन में किसानों की सहमति से किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ की जो इस प्रकार हैं:-


घोषणाएँ -


रबी 2017-18 में चना, मसूर, सरसों एवं प्याज को भावान्तर भुगतान योजना में शामिल किया जायेगा।


रबी 2017-18 में चना, मसूर, एवं सरसों को लायसेन्सी गोदाम में भण्डारण करने पर 4 (चार) माह तक के भण्डारण शुल्क का भुगतान सरकार करेगी।


किसानों के हित में वर्ष 2018-19 में प्याज की फसल के लिये भावान्तर भुगतान योजना लागू की जायेगी।


प्रति विकासखण्ड एक हजार कस्टम प्रोसेसिंग एवं सर्विस सेन्टर खोले जाएंगे। किसानों को ही इनका संचालन करने की जिम्मेदारी दी जाएगी।


चंबल संभाग में बीहड़ को कृषि योग्य बनाने के लिये 1200 करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे।


150 कृषि उपज मण्डियों के प्रांगणों में प्रदेश तथा प्रदेश के बाहर की मण्डियों की दरों को प्राईस ट्रेकर के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा।


50 कृषि उपज मण्डियों में ग्रेडिंग एवं पैकेजिंग प्लांट लगाए जाएंगे।


25 कृषि उपज मण्डियों में कलर सोट्रेक्स प्लांट लगाए जाएंगे।


प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के सदस्यों के कालातीत बकाया ऋणों की समाधान योजना लागू होगी। फिलहाल 4 हजार 523 समितियों में यह व्यवस्था होगी।


प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों द्वारा खरीफ 2017 में वितरित अल्पकालीन फसल ऋण की देय तिथि 28 मार्च से बढ़ाकर 30 अप्रैल की जाएगी।


सहकारी क्षेत्र के कृषक सदस्यों के किसान क्रेडिट कार्ड का रूपे कार्ड में परिवर्तन किया जाएगा।


प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों में माइक्रो ए.टी.एम. मशीन स्थापित की जाएगी।


पशुपालकों को पशुपालन से संबंधित गतिविधियों के लिये पशुपालन क्रेडिट कार्ड प्रदान किए जाएंगे। 


आचार्य विद्यासागर गौ-संवर्धन योजना से 1500 के स्थान पर प्रतिवर्ष 15 हजार हितग्राहियों को लाभान्वित किया जाएगा।


नई व्यवस्था में संशोधित खसरा नकल-नामांतरण एक महीने में कर दिया जायेगा।


अब आवेदन देने के दिन ही सीमांकन की तारीख दे दी जायेगी।


बँटाईदार किसान अब पाँच साल तक जमीन दे सकेंगे। बँटाईदार किसानों को भी सभी योजनाओं का लाभ मिलेगा।


यदि गाँव के लोग ट्रांसफार्मर स्वयं परिवहन व्यवस्था कर लायेंगे, तो किसानों को ट्रांसफार्मर का किराया नहीं लगेगा। ट्रांसफार्मर कनेक्शन पर ब्याज नहीं लगेगा।


यदि तीन महीने में ट्रांसफार्मर जल गया हो, तो चार्ज नहीं लगेगा।


किसानों की आय को दोगुना करने के लिये अब डिफाल्टर किसानों को भी कर्ज मिलेगा।


जो किसान मुख्यमंत्री कृषि पंप योजना में राशि जमा कर आवेदन करेंगे उन्हें अस्थाई कनेक्शन का चार्ज नहीं लगेगा। अलग से उन्हें अस्थाई कनेक्शन लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। बकाया की शर्त को शिथिल कर दिया जायेगा।


किसी कारण डिफाल्टर हुए किसानों को फिर से शून्य प्रतिशत ब्याज पर कर्जा मिलेगा। बकाया ब्याज सरकार देगी। मूलधन को दो किश्त में किसान जमा करेंगे। एक किश्त चुकाने के तत्काल बाद उन्हें ऋण मिल सकेगा। सरकार किसानों के हित में 2600 करोड़ रुपये से ज्यादा का ब्याज भरेगी।


अभी 200 सिंचाई परियोजना से 3 लाख 15 हजार हेक्टेयर में सिंचाई हो रही है। अगले पाँच सालों में 1 लाख 30 हजार हेक्टेयर में अतिरिक्त सिंचाई होगी।    


संकट की घड़ी में सरकार किसानों के साथ : मुख्यमंत्री श्री चौहान


मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश के कुछ हिस्सों में हुई ओला वृष्टि से किसानों की फसलें प्रभावित हुई हैं। किसान चिंता नहीं करें, इस संकट की घड़ी में राज्य सरकार उनके साथ खड़ी है। राज्य सरकार ने पहले भी किसानों के हित में अनेक फैसलें किये हैं। कृषि ऋण पर ब्याज 18 प्रतिशत से घटाकर शून्य प्रतिशत किया गया है। किसानों के लिये यह ब्याज राज्य सरकार भरती है। बिजली का फ्लेट बिल 7 हजार रुपये प्रति हार्स पावर के रेट पर दिया जाता है। इसके लिये प्रति हार्सपावर 31 हजार रुपये राज्य सरकार द्वारा दिया जाता है। प्रत्येक 5 एकड़ पर सिंचाई का खर्च 10 हजार रुपये राज्य सरकार द्वारा दिया जाता है। इसी तरह, शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण के लिये प्रति किसान परिवार 3 हजार रुपये प्रति एकड़ अनुदान दिया जाता है। किसानों द्वारा खाद के अग्रिम भंडारण पर ब्याज राज्य सरकार भरती है। फसल बीमा योजना में प्रत्येक पाँच एकड़ पर 9 हजार रुपये प्रीमियम राज्य सरकार दे रही है। भावांतर भुगतान योजना और समर्थन मूल्य पर खरीदी में प्रत्येक पाँच एकड़ पर 20 हजार रुपये राज्य द्वारा दिये जा रहे हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सिंचाई क्षमता साढ़े सात लाख हेक्टर से बढ़ाकर चालीस लाख हेक्टेयर कर दी गयी है। अगले पांच वर्ष में सिंचाई सुविधा बढ़ाने पर एक लाख करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे। होशंगाबाद संभाग में साढ़े सात हजार करोड़ रुपये सिंचाई पर खर्चा होगा। अगले पाँच सालों में बुंदेलखंड में 4 लाख 50 हजार हेक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र में सिंचाई होगी। चंबल में तीन लाख दस हजार हेक्टेयर क्षेत्र में अतिरिक्त सिंचाई होगी। इस पर पाँच हजार करोड़ रुपये का निवेश किया जायेगा। मालवा क्षेत्र में नर्मदा के पानी से 11 लाख 5 हजार हेक्टेयर नये क्षेत्र में सिंचाई होगी। रेवांचल क्षेत्र में 6 लाख 15 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में अतिरिक्त सिंचाई होगी। महाकौशल क्षेत्र में 4 लाख 90 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में अतिरिक्त सिचाई होगी। भोपाल संभाग में 6 लाख 40 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होगी।


भण्डारण का 4 माह का खर्च सरकार देगी


मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि पिछले वर्ष प्याज की कीमतें गिरने पर राज्य सरकार ने 650 करोड़ रुपये की प्याज किसानों से खरीदी। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिये लागू की गई भावांतर भुगतान योजना अब अन्य प्रदेशों में लागू की जा रही है। अब इस योजना में किसान फसल को तुरंत नहीं बेचना चाहे और अधिकृत भंडार गृहों में रखना चाहें, तो 4 माह तक भंडारण का खर्च राज्य सरकार द्वारा दिया जायेगा। इसी तरह चना, मसूर और सरसों के लिये भी भावांतर भुगतान योजना लागू की जायेगी। योजना में अगर किसान अपनी फसल भंडारण गृह में रखता है, तो उसकी आवश्यकता के लिये फसल के मूल्य का 25 प्रतिशत उसे सहकारी बैंक द्वारा दिया जायेगा, जो वह फसल बिकने पर लौटाएगा। इस राशि पर लगने वाला ब्याज राज्य सरकार भरेगी। मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी योजना में किसानों के बेटे-बेटियों को 25 लाख से 2 करोड़ रुपये तक के ऋण की गारंटी तथा 15 प्रतिशत अनुदान राज्य सरकार देगी। साथ ही 7 साल तक 5 प्रतिशत ब्याज भरेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सरकार किसानों की सरकार है और किसानों के कल्याण के लिये नया इतिहास रच रही है।


कृषि मंत्री श्री गौरीशंकर बिसेन ने कहा कि किसानों के लिये भावांतर भुगतान योजना बनाने वाला मध्यप्रदेश देश का सबसे पहला राज्य है। इस योजना में 8 फसलों के लिये किसानों के खातों में 1512 करोड़ रुपये पहुँचाये जा रहे हैं। प्रदेश में 6 ट्रेक्टर प्रशिक्षण संस्थान शुरू किये जा रहे हैं। साथ ही 90 लाख किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड दिये जा रहे हैं। कार्यक्रम में प्रतीक स्वरूप किसानों को भावांतर भुगतान के प्रमाण-पत्र तथा मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के हितग्राही को प्रमाण-पत्र दिये गये।


कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीताशरण शर्मा, वन मंत्री डॉ. गौरीशंकर शेजवार, ऊर्जा मंत्री श्री पारस जैन, पूर्व मुख्यमंत्री श्री बाबूलाल गौर, सांसद श्री नंदकुमार सिंह चौहान, सांसद श्री आलोक संजर, विधायक, किसान आयोग के अध्यक्ष श्री ईश्वर लाल पाटीदार, किसान संघ के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे। आभार प्रदर्शन कृषि राज्य मंत्री श्री बालकृष्ण पाटीदार ने किया।