पटना बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सोमवार को लालू यादव को सजा दिलाने के आरोप लगाने वालों पर जमकर बरसे हैं. उन्होंने कहा कि गंवार लोग ऐसे ऊटपटांग बयान दे रहे हैं. दरअसल, सीएम नीतीश कुमार पर आरोप लग रहे हैं कि उन्होंने ही चारा घोटाले मामले में आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव को सजा करवाई है. पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव कई बार कह चुके हैं कि नीतीश कुमार की वजह से ही लालू प्रसाद यादव जेल गए हैं. यही बात मीडिया में भी सुर्खियां बटोर रही है.


सोमवार को इन आरोपों से नाराज नीतीश कुमार ने खुलकर जवाब दिया और ऐसी बयानबाजी करने वालों पर पलटवार किया. इस दौरान उन्होंने मीडिया पर भी सवाल दागे. सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि क्या यह उचित है कि गंवार लोग जो कहें, उसको मीडिया में छापा जाए? पटना में लोकसंवाद कार्यक्रम के बाद नीतीश कुमार ने चारा घोटाले मामले में अपनी भूमिका के बारे में स्पष्ट तौर पर कहा कि इसमें उनका कोई रोल ही नहीं है.


उन्होंने कहा कि भला 21 साल पुराने मामलों में हमारी क्या भूमिका हो सकती है? हमारे सुशील मोदी और ललन PIL दायर करने वालों में थे. PIL दायर करने वालों में एक सज्जन और थे, जिनका नाम शिवानंद तिवारी है. ये सब PIL दायर करने वालों में शामिल थे, लेकिन हम इनमें नहीं थे. PIL दायर करने वाले लोग कोर्ट में लड़े. कोर्ट के निर्देशन में सीबीआई ने जांच की और केस दर्ज हुआ. इसके बाद ट्रायल चल रहा है और मीडिया इस मामले पर बयानबाजी करने वाले गंवारों के बयान को छाप रही है. उन्होंने सवाल किया कि जो यह ट्रायल चल रहा है, इसमें मेरी और मोदी की भला क्या भूमिका हो सकती है?


इस दौरान उन्होंने मीडिया पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि मीडिया जिस तरह का माहौल बना रही है और ऐसे माहौल को बनाने में जिन लोगों की दिलचस्पी है, वो उसमें लगे रहें. हमको इसमें कोई दिलचस्पी नहीं है. हमारी रूचि एक-एक क्षण का उपयोग लोगों की सेवा में लगाने की है. इसमें कोई कंप्रोमाइज नहीं हो सकता है.


नीतीश कुमार ने कहा कि 20 साल से भी ज्यादा पुराना केस है. अगर इस पर हमसे कोई पूछता है, तो हम बोलते हैं कि न्यायिक फैसले पर हम कोई प्रतिक्रिया नहीं देते हैं. साल 2013 में लालू यादव को सजा हुई थी. हमने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी. हमने कभी प्रतिक्रिया नहीं दी. इस मामले में ट्रायल चल रहा है. उन्होंने कहा कि मामले को लेकर बिना वजह आरोप लगाया जा रहा है और बिहार की मीडिया में प्रतिदिन इस बात को प्रमुखता से छापा जा रहा है.


सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि हम मीडिया की स्वतंत्रता के हिमायती हैं और महात्मा गांधी को मानने वाले व्यक्ति हैं. उन्होंने कहा कि  छह-सात महीने पहले हमने निर्णय लिया और महागठबंधन से नाता तोड़ लिया. चारा घोटाला मामले में अभी ट्रायल हुआ और सजा हुई. हम तो कभी जुडिशल फैसले पर कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं करते हैं. अगर उस गठबंधन की सरकार में रहते तो क्या उम्मीद की जाती है कि इस पर कोई प्रतिक्रिया देते?


उन्होंने कहा कि अगर RJD के साथ गठबंधन में होते, तो प्रतिदिन तनाव का माहौल रहता. आपसी सामंजस्य नहीं रहता, तो उस सरकार को हम चला नहीं सकते थे. उन्होंने कहा कि जिस दिन गठबंधन बना था,  उसी दिन हमने सब कुछ कह दिया था. हमने यह भी कह दिया था कि इस गठबंधन को डेढ़ साल से ज्यादा चलाना संभव नहीं है और एक साल आठ महीने में ही यह टूट गया.