मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान खुद को किसान पुत्र कहते हैं,लेकिन शिव के राज में ओले की आफत से परेशान किसानों को बीजेपी सरकार के मंत्री और नेता हनुमान चालीसा पढ़ने का मशवरा दे रहे हैं.


दरअसल, मध्य प्रदेश में बीते 24 घंटों के दौरान हुई बारिश और ओलावृष्टि ने बड़े पैमाने पर फसलों को नुकसान पहुंचाया है. बिजली गिरने से छह लोगों की मौत की खबर है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों के नुकसान की भरपाई का भरोसा दिलाया है.


वहीं, भाजपा के पूर्व विधायक रमेश सक्सेना ने इस प्राकृतिक आपदा के बाद किसानों को हनुमान चालीसा पाठ करने की हिदायत दी है. पूर्व भाजपा विधायक कहते हैं, 'अगर प्राकृतिक आपदा से बचना है तो एक ही उपाय है हनुमान चालीसा. रोज एक घंटा सामूहिक रूप से किसान मिलकर हनुमान चालीसा का पाठ कर लें तो बच सकेंगे. हनुमानजी साक्षात वायु पुत्र हैं. फिर ना हवा चलेगी. ना पानी गिरेगा, ना ओले.'


भाजपा नेता की मानें तो किसान अगर रोज़ हनुमान चालीसा पढ़ेगा तो कुदरत के कहर से बच जाएगा, उसके खेतों में ओले नहीं गिरेंगे. लेकिन जब कृषि राज्यमंत्री से बीजेपी नेता के अजीबोगरीब बयान के बारे में पूछा गया तो वो भी साथ हो लिए. कृषि राज्यमंत्री बालकृष्ण पाटीदार के मुताबिक प्राकृतिक घटनाओं के लिए इंसान जिम्मेदार नहीं है, इसलिए हनुमान चालीसा ही पढ़ना चाहिए. क्योंकि हनुमान जी संकट मोचक हैं.


शिवराज सरकार के मंत्री और भाजपा नेता की इस बयानबाजी से कांग्रेस नेताओं को चुटकी लेने का मौका मिल गया. कांग्रेस प्रवक्ता और सीनियर लीडर केके मिश्रा कहते हैं, 'रमेश सक्सेना बीजेपी के दमदार नेता है. जो उपेक्षित हैं. उन्होंने जो सलाह दी है उससे भगवानों में आपसी विवाद होगा. वो कह रहे हैं कि हनुमान चालीसा पढ़े किसान लेकिन एमपी में तो शिव की साधना होती है. ये उचित बयान नहीं है.'


किसान को मुसीबत के वक्त मदद करना सरकार की जिम्मेवारी है. लेकिन अगर सत्ताधारी बीजेपी के नेता अपना फ़र्ज़ निभाने की जगह ओलों से बचने के लिए किसान को रोज़ हनुमान चालीसा पढ़ने की सलाह दे रहे हैं.