मध्य प्रदेश में ओले के कहर से 12 ज़िलों के 421 गाँवों की खेत में खड़ी फसलें चौपट हो गई हैं. और मैं हूँ ना की तर्ज़ पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों को राहत का भरोसा दिया है.


दरअसल, एमपी में ओले गिरने के दूसरे ही दिन मुख्यमंत्री ने भोपाल में किसान महासम्मेलन किया. जिसमें शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसान को घबड़ाने की बात नहीं है. मैं किस दिन के लिए मुख्यमंत्री बना हूं. मैं सिर्फ अफसोस नहीं करूँगा. ना रोऊंगा ना रोने दूँगा. सिर्फ राहत नहीं, फसल बीमा का पैसा मिलाकर भरपाई होगी.


ओले गिरे चौबीस घंटे भी नहीं बीते कि सूबे के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान औऱ कृषि मंत्री गौरीशंकर बिसेन किसान महासम्मेलन के मंच पर नज़र आये. हालांकि शिवराज सिंह चौहान के सारे आयोजन सुपरहिट होते हैं, लेकिन किसानों के इस महासम्मेलन में सरकार के दो लाख के दावे के बावजूद मैदान में पचास हज़ार किसान ही जुट पाये. और इसे शिवराज का अब तक का फ्लॉप शो बताया जा रहा है.


वहीं महासम्मेलन में पहुंचे किसानों का कहना है कि पानी और ओले से बहुत नुकसान हुआ है. गेहूँ ना के बराबर है. कर्जा लेते हैं. पंप उठाते हैं. यहाँ बताया कि कुछ फायदा है. काहे का फायदा. हमको तो कोई फायदा नहीं दिख रहा है. कीमत भी नहीं मिल रही.



वहीं काँग्रेस के मुताबिक दो लाख के दावे की जगह किसान महासम्मेलन में महज पचास साठ हज़ार किसान ही नजर आये क्योंकि वो ओले से परेशान हैं. किसान महासम्मेलन को लेकर किसानों के जोश में कमी दिखी.


गौरतलब है कि रविवार को एमपी में बारिश के बाद तेज ओले पड़े. भोपाल से रायसेन के रास्ते में पड़े ओलों के अंबार से अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि रविवार शाम भोपाल औऱ होशंगाबाद संभाग के बारह ज़िलों में कुदरत ने किस कदर कहर बरपाया है. सीहोर में इतने ओले गिरे हैं कि कलेक्टर को फौरन ही बाईक से प्रभावित इलाकों का दौरा करना पड़ा.


सूबे के तकरीबन साढ़े चार सौ गाँव ओले से प्रभावित हुये हैं. कितना नुकसान हुआ इस बात का सर्वे पूरा हो नहीं पाया लेकिन मुख्यमंत्री ने किसान के लिए नई नई योजनाओं की घोषणा कर दी.


एमपी में दो साल पहले भी इसी तरह ओले गिरे थे. अब किसान सरकार के सहारे है. अगर सरकार ने मदद नहीं की तो भगवान ही मालिक है. मुसीबत के वक्त शिवराज का किसान महासम्मेलन विपक्षी काँग्रेस के निशाने पर है.


वहीं किसानों को लेकर काँग्रेस विधायक गुजरात अल्पेश ठाकोर ने कहा कि शिवराज सिंह चौहान सरकार का काम दिखावा करना है. किसानों पर कर्जा है. 29,000 किसानों ने खुदकुशी की है. बड़े बड़े वादे किए जा रहे हैं. वो सब दिखावा है.