मध्य प्रदेश के सतना जिले के किसानों की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही. मौसम की मार के बावजूद धान की फसल उगाने के बाद भी उन्हें राहत नहीं मिली. उन्होंने धान की फसल समर्थन मूल्य पर सरकार को बेची थी, उसके भुगतान पर रोक लगा दी गई है. रोक के कारण 20 हजार किसानों मिलने वाले 33 करोड़ रुपए अटक गए हैं. राशि के भुगतान पर नागरिक आपूर्ति विभाग ने रोक लगाई है.


पैसों का भुगतान नहीं होने से 20 हजार किसान परेशान हो रहे हैं. कई किसानों ने तो कर्ज लेकर फसल उगाई थी. ऐसे में लेनदार उनके पीछे पड़े हैं और उनसे कर्ज नहीं चुकाया जा रहा है.


इस बारे में जब नागरिक आपूर्ति विभाग से बात की गई विभाग के सतना महाप्रबंधक जेके तिवारी ने कहा कि राज्यस्तरीय टीम की जांच के बाद किसानों की धान की उपज अमानक पाई गई. इस तरह धान की 1 लाख 40 क्विंटल उपज के भुगतान पर रोक लगाई है.


विभाग की मानें तो खरीद के लिए दिए स्पष्ट निर्देशों के बाद भी सहकारी समितियों ने खरीद में लापरवाही बरती गई है. समितियां जब तक धान की उपज को साफ नहीं कराती तब तक किसानों को भुगतान नहीं किया जाएगा.