रायपुर। आवासहीन ग्रामीणों को सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के मकान बनाकर देगी। ग्रामीणों के आशियाने का सपना छत्तीसगढ़ ग्रामीण आवास निगम पूरा करेगा। सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए 2354 करोड़ का प्रावधान किया है।

प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत राज्य सरकार ने मार्च 2019 तक छह लाख 88 हजार आवास बनाने का लक्ष्य रखा है। चार लाख 38 हजार परिवारों के लिए आवास को स्वीकृति दी जा चुकी है। दो लाख 37 हजार आवास बनाए जा चुके हैं।


ग्रामीण आवास योजना में तेजी जाने के लिए सरकार ने ग्रामीण आवास निगम के गठन की घोषणा की है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नक्सल प्रभावित चार जिले दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर और नारायणपुर में दो कमरे के कच्चे मकान वाले कुल 55 हजार 315 परिवारों को भी इस योजना का लाभ दिया जाएगा।


2011 की सामाजिक आर्थिक जनगणना के मुताबिक राज्य में एक कमरे के कच्चे मकान में रहने वाले परिवारों की संख्या 9 लाख 58 हजार 745 और दो कमरे के कच्चे मकान में रहने वाले परिवारों की संख्या 9 लाख 7 हजार 601 है। दो कमरे के कच्चे आवास वालों को भी अब प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिया जाना है।


इस योजना पर 2017-18 से 2019-20 तक तीन साल में कुल 34 अरब 27 करोड़ 28 लाख स्र्पए खर्च किए जाएंगे। ग्रामीण आवास निगम में अध्यक्ष से लेकर उपाध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति की जाएगी। इसकी मॉनीटरिंग में आवास निर्माण का काम होगा।


सरकार के मुताबिक अगले दो या तीन महीने में निगम का गठन कर लिया जाएगा। गृह निर्माण मंडल की तरह यह निगम हितग्राहियों से शुल्क लेगा और आवास का निर्माण कराएगा, क्योंकि इसके पास राजस्व प्राप्ति या आय का कोई दूसरा स्त्रोत नहीं होगा, इसलिए राज्य सरकार इसकी आर्थिक मदद करेगी।