कमाल अमरोही. अगर इस नाम से आप उन्हें नहीं पहचानते हैं, तो ये सुनकर जरूर जान पाएंगे कि कमाल बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री मीना कुमारी के पति थे. हालांकि मीना कुमारी के पति होने के अलावा वह एक उम्दा लेखक और फिल्मकार भी थे. लेकिन उन्होंने चार दशक में सिर्फ चार फिल्में बनाईं. उनके नाम के इर्द-गिर्द उनकी फिल्मों और लेखन से ज्यादा उनकी प्रेमकहानी चर्चा में रहती है. वो प्रेमकहानी जिसने पहले दोनों को मेड फॉर इच अदर बनाया और फिर तलाक के मुकाम तक पहुंचाया.

फिल्म तमाशा के सेट पर कमाल पहली बार मीना से मिले. तब तक उनकी दो शादियां हो चुकी थीं. उनकी पहली पत्नी थी बानो और दूसरी थी महजबीं. मीना कुमारी से एक मुलाकात के बाद ही उन्हें उनसे प्यार हो गया. इस प्यार को मीना तक पहुंचाने और मनाने में कमाल को काफी कोशिशें जरूर करनी पड़ीं, लेकिन 14 फरवरी 1952 को बेहद निजी समारोह में दोनों की शादी हो ही गई.

शादी के बाद कमाल ने अपनी और मीना की प्रेमकहानी को फिल्म में दिखाने के लिए दायरा फिल्म बनाई. हालांकि फिल्म नहीं चली, लेकिन उनकी प्रेमकहानी को जरूर लोगों ने सलाम किया. इसी दौरान दोनों ने पाकीजा फिल्म बनाने की योजना बनाई.

1956 में फिल्म की शूटिंग शुरू हुई. शुरुआत में ब्लैक एंड व्हाइट शूट हुए थे, जिन्हें बाद में कलर शूट करने की जरूरत महसूस हुई. उस वक्त मीना कुमारी अपने करियर के शिखर पर थी. इस वजह से कमाल और मीना के बीच तनाव पैदा होने लगा. 1964 में दोनों ने अलग हो गए. दोनों के अलग होने के बाद पाकीजा की शूटिंग भी रुक गई.

दोनों बेशक अलग हो गए थे, लेकिन कमाल अमरोही मीना कुमार के अलावा किसी और के साथ पाकीजा को फिर शुरू ही नहीं कर पाए. आखिर उनके बहुत मनाने पर 1968 में मीना कुमारी पाकीजा में काम करने के लिए तैयार हो गईं.

दुखद ये था कि तब तक मीना कुमारी लीवर सिरोसिस की चपेट में आ चुकी थीं. उन्होंने बीमारी की हालत में ही फिल्म की शूटिंग पूरी की. शूटिंग शुरू होने के 16 साल बाद फरवरी, 1972 में फिल्म रिलीज़ हुई. रिलीज के कुछ समय बाद ही मीना कुमारी चल बसीं, लेकिन फिल्म ने सफलता के जो झंडे गाड़े, उनकी बदौलत ये फिल्म हिंदी सिनेमा की सर्वश्रेष्ठ फिल्मों में से एक है.