झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के जीवन पर आधारित फिल्म 'मणिकर्णिका: द क्वीन ऑफ झांसी' को लेकर विवादों का दौर खत्म हो गया है। फिल्म के प्रडयूसर्स ने सर्व ब्राह्मण महासभा को लिखित में आश्वासन देते हुए कहा है कि फिल्म में कुछ भी अपमानजनक नहीं है और ना ही ऐतिहासिक तथ्यों से साथ कोई छेड़छाड़ की गई है। टीम की ओर से दिए गए इस लिखित आश्वासन के बाद ब्राहमण समाज ने अपना आंदोलन खत्म कर दिया है। 

फिल्म के प्रड्यूसर ने सर्व ब्राह्मण महासभा को विश्वास दिलाया कि फिल्म में इतिहास के साथ किसी प्रकार की कोई छेड़छाड़ नहीं की जाएगी। साथ ही भारतीय इतिहास और रानी लक्ष्मीबाई की गरिमा का पूर्ण ध्यान रखा जाएगा। इसके बाद महासभा के पदाधिकारियों की उपस्थिति में लिखित में एक सहमति पत्र तैयार किया गया। इस सहमति पत्र में फिल्म की शूटिंग फिर से शुरू करने की भी इजाजत दी गई है। 


गौरतलब है कि झांसी की रानी लक्ष्मीबाई पर आधारित इस फिल्म में ऐतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़ किए जाने की बात कह कर ब्राह्मण समाज की ओर से इस फिल्म का विरोध किया जा रहा था। महासभा के राज्य अध्यक्ष सुरेश मिश्रा ने सोमवार को राजस्थान सरकार से शूटिंग को तत्काल रोककर यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि फिल्म में ऐतिहासिक तथ्यों से कोई छेड़छाड़ न हो। उन्होंने कहा कि फिल्म की शूटिंग तभी होने देंगे जब निर्माता इस बात का आश्वासन दें कि फिल्म में कोई भी आपत्तिजनक सीन न हो।