अब जब किम जोंग-उन दक्षिण कोरिया पर मेहरबान हुए हैं तो वे कोई कसर रखना नहीं चाहते.इसी के चलते उन्होंने न सिर्फ़ विंटर ओलंपिक में अपनी टीम भेजी बल्कि अपने दो सबसे भरोसेमंद लोगों को भी सियोल रवाना कर दिया.उनकी बहन किम यो-जोंग और राष्ट्राध्यक्ष किम योंग-नाम शुक्रवार को दक्षिण कोरिया पहुंच गए.किम की बहन दक्षिण कोरिया जाने वाली अपने परिवार की पहली सदस्या हैं.वे किम योंग के साथ विंटर ओलंपिक के प्योंगचांग में होने वाले उद्घाटन समारोह में शरीक़ होंगी. किम यो-जोंग अपने भाई की बेहद क़रीबी मानी जाती हैं.सक्रिय राजनीति में उनकी भूमिका बढ़ाने के लिए उन्हें पिछले साल पोलितब्यूरो का सदस्य भी बनाया गया.किम जोंग-उन अपने फ़ैसले पोलितब्यूरो के ज़रिए लेते हैं.माना जाता है कि प्रोपेगैंडा विभाग में अहम भूमिका निभाने वाली उनकी बहन अपने भाई की छवि सुधारने पर काम कर रही हैं.हालांकि अमरीका ने उन पर मानवाधिकार हनन के आरोप के चलते पाबंदी लगा रखी है.

कोरियाई देश 1950-53 तक चली जंग के बाद अलग हो गए थे.दोनों देशों के रिश्तों में तब से बहुत उतार-चढ़ाव आते रहे हैं लेकिन दोनों ने आज तक किसी शांति समझौते पर दस्तख़त नहीं किए.किम यो-जोंग की उम्र 30 साल है. 26 सितंबर 1987 को जन्मीं यो-जोंग अपने भाई से चार साल छोटी हैं.किम जोंग-उन के पिता किम जोंग-इल की पांच पत्नियां थी, उनके कुल सात बच्चे थे.किम यो और किम जोंग-उन दोनों, एक ही मां की संतान हैं और दोनों ने स्विटजरलैंड में साथ-साथ पढ़ाई की है.उनके माता किम जोंग-इल की तीसरी पत्नी और कभी नृत्यांगना रहीं को योंग-हुई हैं.तीन भाई-बहनों में यो-जोंग सबसे छोटी हैं, उनसे बड़ा एक भाई और है जिनका नाम किम जोंग-चोल है.किम यो-जोंग अक्सर किम जोंग-उन के साथ फ़ील्ड दौरों पर दिखती हैं. वे पार्टी के प्रचार अभियान में भी प्रमुखता से शामिल रहती हैं.बताया जाता है कि यो-जोंग ने अपनी ही पार्टी के सचिव चोए योंग-हे के बेटे से शादी की है. यो-जोंग सार्वजनिक जीवन में पहली बार 2012 में अपने पिता के अंतिम संस्कार के मौक़े पर नज़र आईं. इसके बाद वे साल 2014 में अपने भाई के सत्ता संभालने के मौक़े पर भी दिखाई दीं.

हालांकि उद्घाटन समारोह से ठीक पहले गुरुवार को सैन्य परेड करके उत्तर कोरिया ने जता दिया है कि उसके बारे में कुछ भी कहना जल्दबाज़ी हो सकती है.


उत्तर कोरिया में हर साल होने वाली यह सैन्य परेड आम तौर पर अप्रैल महीने में होती थी लेकिन इस बार किम जोंग ने इसे फ़रवरी में करवा दिया.


इस बीच दक्षिण कोरिया ने भी कहा है कि उसके राष्ट्रपति शनिवार को उत्तर कोरिया के प्रतिनिधिमंडल से मुलाक़ात करेंगे.