अपने पिता से लगाए शर्त को पूरा करने के लिए एक महिला ने अपनी जिंदगी ही बदल दी. छत्तीसगढ़ के कांकेर में एक महिला ने अपने पिता से शर्त लगाया था कि वो बिना शराब पिये भी पोस्टमार्टम कर सकती है. पिता ने कहा कि ऐसा संभव नहीं है. इसके बाद महिला ने पोस्टमार्टम करना शुरू कर दिया. वो बिना शराब पिये ही शवों का पोस्टमार्टम करती है.


बेबस जिन्दगी जीने के लिए मजबूर संतोषी दुर्गा 150 रुपये की रोजी में आठ परिवार में आठ लोगों का पेट पालती है. कांकेर के नरहरपुर सामुदायिक केन्द्र में संतोषी दुर्गा सफाई कर्मचारी है. सामुदायिक केन्द्र में वो शवों का पोस्टमार्टम भी करती हैं. दस साल में संतोषी अब तक 500 से अधिक शवों का पोस्टमार्टम कर चुकी हैं, वो भी शराब का बगैर सेवन किए.


दुर्ग ने बताया कि आठ लोगों के परिवार में सात बहनों में वो सबसे बड़ी हैं.

दुर्गा के पिता अस्पताल में चिर घर में शव का पोस्टमार्डम किया करते थे. वे बिना शराब पिये ये काम नहीं कर पाते थे. दुर्गा के पिता का कहना था ये काम बिना शराब पिए नहीं किया जा सकता. ये सुन कर दुर्गा ने शर्त लगाया और कहा मैं करूंगी बिना शराब पिए पोस्टमार्टम. 


दुर्गा ने बिना शराब पिए लगभग हर दिन शवों का पोस्टमार्टम करती हैं. वे गरीब परिवार में जन्मी पिता को शराब छुड़ाने के लिए और जिन्दगी में कुछ कर दिखाने कभी पीछे नहीं हटी. दुर्गा बताती हैं कि इस काम की कई लोगों ने सराहना की. बहार जिले से उसे सम्मान भी मिला, लेकिन उन्हें इस बात का मलाल जरूर है की अपने ही जिले के किसी अधिकारी उन्हें नहीं पूछा.