बालोद। दशगात्र कार्यक्रम में तेज हवा से उड़े पंडाल को संभालने के दौरान हाईटेंशन तार के करंट से दो युवकों की मौत हो गई। पंडाल में लगा लोहे का खंभा तार को छू गया था, जिसे युवक देख नहीं पाए। उन्हें बचाने की कोशिश में 26 अन्य ग्रामीण घायल हो गए।


घटना के बाद पूरा गांव सदमे में डूब गया। इधर घायलों को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे लोगों ने वहां की अव्यवस्था देख जमकर हंगामा किया। जिला मुख्यालय से 8 किमी दूर ग्राम मलिघोरी दुधली के देशमुख परिवार में गुरुवार को महेश देशमुख का दशगात्र कार्यक्रम के दौरान भोज चल रहा था।


अचानक तेज हवाएं चलने से पंडाल गिरने लगा। उसे सीधा करने टिकेश्वर देशमुख (30) व नंदकुमार देशमुख (30) जैसे ही पंडाल के खंभे को खींचने लगे, करंट की चपेट में आ गए। दरअसल खंभा पास ही गुजर रहे 11केवी हाईटेंशन तार की संपर्क में आ गया था।


दोनों युवकों को बचाने मौजूद ग्रामीण दौड़े और माजरा समझ पाते इसके पहले वे भी झुलस गए। ग्रामीण सभी को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने टिकेश्वर व नंदकुमार को मृत घोषित कर दिया। टिकेश्वर पत्रकार थे। इधर हंगामे की जानकारी मिली तो एसपी आईके एलेसेला टीआई रामकिंकर यादव सहित करीब 50 जवानों की टीम लेकर मौके पर पहुंचे और हालात संभाला।