ग्वालियर। भितरवार तहसील परिसर के सामने स्थित केनरा बैंक में एक दुकानदार गुरुवार की सुबह करीब 11 बजे 30 हजार रुपए के एक, दो और 5 रुपए के सिक्के अपने खाते में जमा करने के लिए पहुंचा। इतनी बड़ी संख्या में सिक्के होने के चलते बैंक प्रबंधक ने सिक्कों को जमा करने से मना कर दिया। ज्यादा मनुहार की तो उसे बाहर निकाल दिया।

तब उसने बैैंक के बाहर ही चादर डालकर इन सिक्कों को रख दिया और आवाज लगाने लगा। सस्ते हो गए सिक्के, 100 रुपए का नोट दो और 200 रुपए के ले जाओ। उसकी आवाज सुनकर बैंक के अंदर और बाहर खड़े लोगों ने 100 रुपए के नोट देकर 200 रुपए के सिक्के खरीद लिए। इस तरह उसने 8 हजार रुपए के सिक्के बैंंक के सामने ही चार हजार रुपए में बेच दिए।


जानकारी के अनुसार, रामगोपाल गोयल पुत्र हरिबाबू गोयल की वार्ड क्रमांक 8 में परचूनी की दुकान है और वह 30 हजार रुपए के एक, दो और पांच रुपए के सिक्के लेकर केनरा बैंक में जमा करने के लिए पहुंचा। वहां कैशियर ने कर्मचारी से कहा कि पहले बैंक मैनेजर से मिलो।


इसके बाद जब वह बैंक मैनेजर आशीष मरखानी के पास पहुंचा तो उन्होंने कहा कि यह सिक्के अपने पास ही रखो, बैंक में जमा नहीं होंगें और गार्ड से कहकर उसे बैंक से बाहर निकलवा दिया। इसके बाद वह उन सिक्कों को लेकर बैंक के बाहर ही बैठ गया और सब्जी-भाजी की तरह आवाज लगाकर सिक्के बेचना शुरू कर दिया।


देश की मुद्रा के अपमान को लेकर हुई नारेबाजी


भारतीय मुद्रा का अपमान होता देख कुछ लोग वहां पहुंचे और उन्होंने बैंक प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि जब बैंक ही लोगों को सिक्के उपलब्ध कराती है, तो फिर इन सिक्कों को जमा क्यों नहीं कर रही है।


अब दुकानदार भी ग्राहकों से नहीं ले रहे सिक्के


दुकानदार के जब सिक्के बैंक प्रबंधक ने लेने से मना कर दिया तो कस्बे के अन्य दुकानदारों ने भी ग्राहकों से सिक्के लेना बंद कर दिए। कस्बेवासी रामकुमार ने बताया कि वह सिक्के लेकर तम्बाकू लेने के लिए गया, तो उससे 5 रुपए का सिक्का नहीं लिया गया।


इसलिए बेचना पड़े सिक्के


परचूनी की दुकान करने वाले रामगोपाल गोयल ने बताया कि उसका खाता केनरा बैंक में है और मुझे थोक व्यापारियों का भुगतान करना है। थोक व्यापारियों ने सिक्के लेने से मना कर दिया और बैंक में जमा करने पहुंचा, बैंक प्रबंधक से इन सिक्कों को लेने से मना कर दिया और मुझे बाहर निकाल दिया। ऐसे में मजबूरी में सिक्के बेचना पड़ गए।


तहसीलदार ने दिया आश्वासन


बैंक के बाहर सिक्कों को बेचने की सूचना जब तहतसीलदार गुलाब सिंह बघेल को मिली, तो उन्होंने संबंधित दुकानदार को आश्वासन दिया कि वह बैंक प्रबंधक से बात करेंगे और सिक्कों को बैंक में जमा कराएंगे। तहसीलदार गुलाब सिंह ने बताया कि उन्होंने बैंक प्रबंधक से बात की है। उनसे कहा गया है कि इतनी संख्या में सिक्के नहीं ले सकते तो कम संख्या में सिक्के लेकर जमा करें ताकि किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो।


इनका कहना है


गुरुवार को रामगोपाल सिक्कों को लेकर जमा करने के लिए आया। लेकिन इनके खाते में लगे आधार कार्ड पर नाम रामगोपाल जोशी लिखा है और इनके खाते में रामगोपाल लिखा है। साथ ही आधार नंबर लिंक नहीं है। इसके चलते यह सिक्के जमा नहीं किए गए।


-आशीष मारखानी, बैंक प्रबंधक


एक्सपर्ट व्यू


यदि कोई व्यक्ति या संस्था सिक्के स्वीकार नहीं करता है तो ऐसे व्यक्ति के खिलाफ धारा 124 (क) के तहत राजद्रोह का अपराध बनता है। इसके अलावा प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई जा सकती है। इसमें कम से कम 10 वर्ष की सजा का भी प्रावधान है।


-हरीश अग्रवाल एडवोकेट, वकील, भितरवार