इंदौर। शासकीय कैंसर अस्पताल में सुविधाएं बढ़ाने के लिए 45 करोड़ रुपए का प्रस्ताव स्वास्थ्य मंत्रालय को भेजा गया। एक साल में मंजूरी के बाद सौ नए बिस्तर और आधुनिक मशीनें मिल सकेंगी। एमवायएच परिसर में बने इस अस्पताल में फिलहाल 92 बिस्तर हैं लेकिन मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बिस्तरों के साथ आधुनिक उपकरणों की जरूरत महसूस हो रही है।

यहां हर साल करीब तीन हजार नए मरीज पहुंच रहे हैं। रोज 45 से 50 मरीजों को रेडियोथैरेपी दी जाती है। वहीं ओपीडी में करीब 60 मरीज रोज आते हैं। अस्पताल में रेडियोथैरेपी, ब्रेकीथैरेपी और कीमोथैरेपी की मशीनें हैं। इंदौर संभाग का सबसे बड़ा अस्पताल होने के कारण यहां पूरे प्रदेश सहित राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र से भी मरीज आते हैं।


अस्पताल में रेडियोथैरेपी के लिए एक एक्सलरेटर मशीन है। रोज इससे करीब 50 मरीजों को थैरेपी दी जाती है। लोड बढ़ने पर यह खराब हो जाती है। पुरानी मशीन में कैंसर प्रभावित जगह के अलावा अन्य हिस्सा भी मार्क होता है। इससे विकिरण का खतरा बना रहता है। इसे देखते हुए अस्पताल में दो नई मशीनें लगाई जाएंगी। ये मशीनें सिर्फ कैंसर प्रभावित हिस्से पर ही काम करेंगी।


अलग से होंगे मेल-फीमेल वार्ड


अस्पताल के चारों वार्ड (जनरल और प्राइवेट) को मिलाकर 92 बिस्तरों की सुविधा उपलब्ध है। वार्ड क्र. 1 में 16, वार्ड क्र. 2 में 13 और वार्ड क्र. 4 व 5 में 15 -15 बिस्तरों की सुविधा है। तीन प्राइवेट रूम व डे केयर वार्ड भी है। इनमें बिस्तरों की संख्या बढ़ाने के साथ ही नए वार्ड भी बनाए जाएंगे। इसके लिए तल घर का उपयोग भी किया जाएगा। 10-10 बिस्तरों के मेल और फीमेल वार्ड अलग से होंगे। ऑपरेशन थिएटर में ऑपरेशन चेयर के साथ अन्य सुविधाएं भी बढ़ाई जाना हैं। बिस्तरों के बढ़ने पर डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ में भी इजाफा किया जाएगा।


लॉण्ड्री भी रहेगी


मेडिकल कॉलेज से संबंधित सभी अस्पतालों के लिए एक सेंट्रल लॉण्ड्री बनाई गई है। लोड बढ़ने के चलते चार से पांच दिन में कपड़े धुलकर आते हैं। कैंसर अस्पताल की चादर व कपड़े धोने के लिए अलग से लॉण्ड्री मशीन लगाई जाएगी।


एक साल में मिलेगी सुविधा


अभी हमारे पास कैंसर के इलाज की सभी आधुनिक मशीनें नहीं हैं। पुरानी मशीनों से मरीज को इलाज उपलब्ध करा रहे हैं। केंद्र को भेजा गया 45 करोड़ रुपए का प्रस्ताव एक साल में मंजूर हो जाएगा। -डॉ. रमेश आर्य, अधीक्षक, शासकीय कैंसर अस्पताल


फैक्ट फाइल


- 92 से बढ़कर होंगे 192 बिस्तर


- 2 नई लीनियर एक्सलरेटर मशीन लगेंगी


- 3 हजार से ज्यादा नए मरीज आते हैं साल में