इंदौर। विवादों से घिरी पद्मावत फिल्म शुक्रवार को रिलीज हो सकती है। मल्टीप्लेक्स संचालकों ने इसके लिए डीआईजी से मिलकर पुलिस बल की मांग भी की है। हालांकि, रिलीज को लेकर संचालकों ने विधिवत घोषणा नहीं की है। उधर, बुधवार रात राजपूत समाज व करणी सेना के पदाधिकारियों के लिए पद्मावत का विशेष शो रखा गया।

फिल्म देखने के बाद कोई विरोध नजर नहीं आया। हालांकि, करणी सेना के दूसरे धड़े का कहना है वे फिल्म का विरोध करेंगे। फिल्म देखने के लिए बुधवार रात करणी सेना, राजपूत समाज के सदस्य व विभिन्न् संगठनों के पदाधिकारी मंगल सिटी स्थित मल्टीप्लेक्स पहुंचे। फिल्म का यह शो विरोध कर रहे लोगों के लिए ही रखा गया था।


सिनेमा हॉल की 416 सीटों में से 350 पर समाज व संगठन के सदस्य ही नजर आए। फिल्म देखने के बाद समाज का विरोध नजर नहीं आया। फिल्म के एक सीन में राजा रतनसिंह का अपहरण कर दिल्ली ले जाया जाता है। इस पर राजपूत समाज के रघु परमार ने बताया कि इस प्रकार का कोई वाक्य इतिहास में नहीं है। क्षत्रिय महासभा के दीपेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि विरोध के कारण फिल्म के कई दृश्यों को बदल दिया गया है। इसमें घूमर गाना व ड्रीम सीन शामिल है।


फिलहाल विरोध प्रदर्शन का इरादा नहीं है। ब्राह्मण संगठन के अध्यक्ष आनंद पुरोहित ने बताया कि ऐतिहासिक फिल्मों को काल्पनिक नहीं बनाया जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार फिल्म रिलीज होने में कोई दिक्कत नहीं हैं। उधर, राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के जिलाध्यक्ष ऋषिराज सिसोदिया ने कहा कि गुरुवार को विजयनगर में एकत्र होकर विरोध करेंगे।


खाली रही कैंटीन, सहमे कर्मचारी : करणी सेना के लिए रखे इस शो से पहले कैंटीन में रखी सामग्री को वहां से हटा लिया गया। यहां न बर्गर था न कोल्ड ड्रिंग्स। केवल पानी की बोतल रखी गई थी।


सात बार बजी तालियां, नहीं हुई नारेबाजी : फिल्म के दौरान सात बार अलग-अलग संवादों पर करणी सेना और राजपूत संगठन के लोगों ने तालियां बजाई। तीन दृश्य पर लोग भावुक नजर आए। लंबे समय से सड़कों पर फिल्म का विरोध कर रहे लोगों ने फिल्म के दौरान न तो किसी दृश्य पर आपत्ति जताई, न ही नारेबाजी ही।


कमजोर दिखाया राजा रतनसिंह का किरदार : फिल्म देखने के बाद अर्पिता सिकरवार ने कहा कि फिल्म में राजपूतों को कमजोर दिखाया। खिलजी के मुकाबले राजा रतनसिंह के किरदार को दबाया गया है। कुछ ऐसे डायलाग हैं जो आपत्तिजनक हैं। सुहानासिंह ने कहा कि इसमें एक संवाद है जिसमें खिलजी कहता है- औकात नाप लेंगे जो आपत्तिजनक है। इतिहास के साथ छेड़छाड़ हुई है।


मल्टीप्लेक्स संचालकों ने मांगी सुरक्षा


इधर, फिल्म रिलीज के पूर्व मल्टीप्लेक्स संचालक और फिल्म वितरकों ने पुलिस से संपर्क कर बल की मांग की है। डीआईजी हरिनारायणचारी मिश्र के मुताबिक, मल्टीप्लेक्स संचालकों द्वारा सुरक्षा की मांग की गई है। विवाद की स्थिति को देखते हुए शहर के 17 स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया जा रहा है। मल्टीप्लेक्स में सीएसपी और अन्य स्थानों पर टीआई व थाने का स्टाफ मौजूद रहेगा। विवाद करने वालों से सख्ती से निपटेंगे।


एसोसिएशन ने करणी सेना के प्रमुखों, प्रशासनिक अधिकारियों और प्रबुद्धजन के लिए फिल्म का स्पेशल शो रखा था। यह सौहार्दपूर्ण रहा। फिल्म देखने के बाद तत्काल विरोध कर रहे निर्णय नहीं ले सके। उन्होंने अपना निर्णय बताने के लिए हमसे एक दिन का वक्त मांगा है। इसके बाद ही फिल्म रिलीज को लेकर अंतिम फैसला किया जाएगा। प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारियों द्वारा सुरक्षा का भरोसा दिलाने के बाद शुक्रवार को फिल्म मल्टीप्लेक्सों में रिलीज हो सकती है। - ओपी गोयल, डायरेक्टर सेंट्रल सर्किट सिने एसोसिएशन


फिल्म के सफल प्रदर्शन के बाद इसके रिलीज को लेकर गुरुवार को प्रशासनिक अधिकारियों से चर्चा करेंगे। पूरी उम्मीद है फिल्म शुक्रवार को रिलीज हो जाएगी। हालांकि, इसका सिंगल स्क्रीन पर रिलीज होना मुश्किल है। - बसंत लड्ढा, डायरेक्टर सेंट्रल सर्किट सिने एसोसिएशन


फिल्म देखी है। विरोध में साथ रहे सभी लोगों को साथ लेकर गुरुवार को बैठक होगी। इसके बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। फिल्म में जो दिखाया गया है वह सच से दूर है। - विजयसिंह परिहार, उपाध्यक्ष अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा