आमतौर पर सुख सम्रद्धि और खुशियों से भरा हुआ घर बनाने के लिए शांति तथा पैसा दोनों की ही जरुरत पड़ती है परन्तु किसी के पास पैसा है तो शांति और सुख नहीं है। किसी के पास सुख शांति है तो पैसा नहीं है हर व्यक्ति किसी ना किसी समस्या से परेशान है। इसलिए हमें कुछ ऐसे उपाय करने चाहिए। जिनको प्रयोग में लाने से जीवन में आपको कभी धन और सुख समृद्धि की कमी न हों और घर में हमेशा शांति का माहौल बना रहें।



घर में जूते-चप्पल इधर-उधर बिखेर कर या उल्टे-सीधे करके नहीं रखने चाहिए। इससे घर में अशांति उत्पन्न होती है।



पूजा प्रात: 6 से 8 बजे के बीच भूमि पर आसन बिछा कर पूर्व या उत्तर की ओर मुंह करके बैठकर करें। पूजा का आसन कुशा का हो तो उत्तम होता है, अन्यथा गर्म, पीले, लाल अथवा सफेद रंग भी प्रयोग में ला सकते हैं। इससे आध्यात्मिक वृद्धि एवं शांति प्राप्त होगी।



पहली रोटी गाय के लिए निकालें। इससे देवता भी खुश होते हैं और पितरों को भी शांति मिलती है।



पूजा घर में सदैव जल को तांबे के एक कलश में भरकर रखें, संभव हो तो ईशान कोण के हिस्से में रखें।



आरती, दीप, पूजा अग्रि जैसे पवित्रता के प्रतीक साधनों को मुंह से फूंक मारकर न बुझाएं।



मंदिर में धूप, अगरबत्ती व हवन कुंड की सामग्री दक्षिण-पूर्व अर्थात आग्नेय कोण में रखें।


 


घर के मुख्य द्वार पर दाईं तरफ स्वस्तिक बनाएं।



घर में कभी भी जाले न लगने दें वरना भाग्य और कर्म पर जाले लगने लगते हैं और बाधा आती है।



सप्ताह में एक बार जरूर समुद्री नमक अथवा सेंधे नमक से घर में पोछा लगाएं। नमकयुक्त पानी से नित्य प्रात: घर की दहलीज धोएं, इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।


 


हर अमावस की रात्रि में किसी भी चौराहे पर सरसों के तेल का चौमुखा दीपक जलाएं। ऋण मुक्त होंगे।



नित्य सायंकाल घर में गाय के कच्चे दूध में 9 बूंदें शहद की मिलाकर छींटा दें। इसके बाद गुग्गल, हरमल, लोबान को मिलाकर इसकी घर में धूनी दें।