वाशिंगटन । अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दुनिया को अपने देश की सैन्य ताकत दिखाना चाहते हैं। इसी मकसद से उन्होंने रक्षा मंत्रालय पेंटागन से भव्य सैन्य परेड की योजना बनाने को कहा है। भारत, चीन और फ्रांस जैसे देशों में इस तरह की परेड के जरिये देश की सैन्य ताकत दिखाई जाती है। इसी तर्ज पर ट्रंप भी अमेरिका में सैन्य परेड शुरू कराना चाहते हैं। लेकिन दुनिया के इस सबसे शक्तिशाली देश में इस तरह की सैन्य परेड की परिपाटी नहीं है।


ह्वाइट हाउस की प्रवक्ता सारा सैंडर्स ने बुधवार को कहा, 'राष्ट्रपति ट्रंप अमेरिका के महान सैनिकों के प्रबल समर्थक हैं जो अपने देश को सुरक्षित रखने के लिए हर रोज अपनी जान जोखिम में डालते हैं। उन्होंने रक्षा विभाग से एक उत्सव की संभावना तलाशने को कहा है जिस पर सभी अमेरिकी अपनी प्रशंसा जाहिर कर सकें।' ट्रंप की इस योजना पर पेंटागन ने काम करना शुरू कर दिया है। ट्रंप के दिमाग में इस तरह का खयाल तब आया, जब वह पिछले साल फ्रांस के राष्ट्रीय दिवस बास्तील-डे में शामिल हुए थे। इस मौके पर फ्रांस अपनी सैन्य क्षमता का प्रदर्शन करता है।

ट्रंप के कदम की आलोचना


अमेरिका में ट्रंप के इस कदम की आलोचना भी शुरू हो गई है। रिटायर मेजर जनरल पॉल इटन ने कहा कि कोई भी परेड सेना नहीं, बल्कि ट्रंप के सम्मान के लिए होगी।


खाड़ी युद्ध के बाद हुई थी अंतिम बार परेड


अमेरिका में अंतिम बार इस तरह की सैन्य परेड खाड़ी युद्ध समाप्त होने के बाद हुई थी। इसका आयोजन जून, 1991 में राजधानी वाशिंगटन डीसी में किया गया था। अब ट्रंप इसे वार्षिक स्तर पर दोबारा शुरू कराना चाहते हैं।