किम जोंग-उन की बहन किम यो-जोंग दक्षिण कोरिया जाएंगी. यह जानकारी दक्षिण कोरिया के मंत्रियों ने दी.वो दक्षिण कोरिया में शुक्रवार को होने वाले विंटर ओलंपिक गेम्स की ओपनिंग सेरिमनी में शामिल होंगी.ओपनिंग सेरिमनी की ख़ास बात ये है कि इस मौके पर उत्तर और दक्षिण कोरिया दोनों एक ही झंडे के तले मार्च करेंगे.कौन हैं किम यो-जोंग?किम यो-जोंग पूर्व उत्तर कोरियाई शासक किम जोंग-इल की सबसे छोटी बेटी हैं. पिछले साल उनकी राजनीतिक भूमिका बड़ी करते हुए उन्हें पोलितब्यूरो में शामिल किया गया था.किम यो-जोंग और किम जोंग-उन दोनों एक ही मां की संतान हैं. किम यो-जोंग उत्तर कोरिया के वाणिज्य प्रमुख किम योंग-नम के साथ दक्षिण कोरिया जा रही हैं.'ढोंग है उत्तर कोरिया की दोस्ती क्योंकि...'ग्राउंड रिपोर्ट: उत्तर कोरिया बॉर्डर की सुरंगें, बंकर और लैंडमाइनवो अपने भाई यानी किम जोंग-उन से चार साल छोटी हैं और दोनों ने स्विटजरलैंड में साथ-साथ पढ़ाई की है.उन्होंने हाल के वर्षों में अपने भाई की छवि सुधारने पर काम किया और वो पार्टी प्रोपगैंडा विभाग में अहम भूमिका निभाई है.भाई का संदेश लेकर जाएंगी?हालांकि किम यो-जोंग के दौरे की अटकलें तो काफी पहले से थीं लेकिन बहुत कम लोगों ने सोचा होगा कि सच में ऐसा होगा. वो किम परिवार की पहली सदस्य हैं जो सीमा पार कर दक्षिण कोरिया जाएंगी.उनके दौरे के ऐलान के बाद दक्षिण कोरिया में इस बात की चर्चा है कि शायद किम जोंग-उन दोनों देशों के रिश्ते सुधारने को लेकर गंभीर हैं.किम यो-जोंग के अपने भाई के काफी करीब हैं और माना जा रहा है कि वो अपने भाई को कोई संदेश लेकर आएंगी.हालांकि किम यो-जोंग के लिए सीमा पार करना इतना आसान भी नहीं होगा. अमरीका ने मानवाधिकार उल्लंघन के आरोप में उन पर कई प्रतिबन्ध लगाए हैं.हालांकि वो संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् (यूएनएससी) की ब्लैक लिस्ट में नहीं हैं.किम यो-जोंग को ओपनिंग सेरिमनी में शामिल करने के लिए दक्षिण कोरिया को अमरीका और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों से अनुमति लेनी होगी.80 सदस्यों वाला उत्तर कोरियाई प्रतिनिधिमंडल और चीयरलीडर्स की एक टीम बुधवार को पहले ही दक्षिण कोरिया पहुंच चुकी है.उत्तर कोरिया में विंटर ओलंपिक गेम्स की हिस्सेदारी को दक्षिण कोरिया से रिश्ते सुधारने की पहल के तौर पर देखा जा रहा है.हालांकि जानकारों का कहना है कि इससे उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रमों पर कोई असर नहीं पड़ेगा.