छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार जिले में मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं विकास योजना में जमकर भष्टाचार किया जा रहा है. दरअसल, पलारी विकासखंड के खमरिया गांव से चिचोली तक करीब 2 किलोमीटर सड़क सिर्फ कागजों पर बनकर तैयार है. इतना ही नहीं बिना सड़क निर्माण हुए ही इसके एवज में करीब 105.95 लाख रुपए की राशि निकाल ली गई है.


वहीं मीडिया ने जब इस मामले को लेकर कलेक्टर राजेश सिंह राणा से बात की तो उन्होंने जांच कराने की बात कह कर अपना पल्ला झाड़ लिया. वहीं मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं विकास योजना के अधिकारी एच. सी. आडिल ने मीडिया के आने की खबर मिलते ही कार्यालय से नदारद  हो गए.


संबंधित मामले में शिकायतकर्ता ने कहा कि योजना के तहत बिटूमेक कंस्ट्रक्शन कंपनी रायपुर को वर्ष 2013 में खमरिया से चिचोली तक करीब 2 किलोमीटर की सड़क बनाने का ठेका दिया गया था. इसे वर्ष 2014 तक कार्यपालन अभियंता एस. के. जाधव की देखरेख मे तैयार किया जाना था.


शिकायतकर्ता का कहना है कि करीब 1 करोड़ 95 लाख रुपए की लागत से सड़क का निर्माण कार्य होना था, लेकिन विभाग और ठेकेदार की मिलीभगत से सड़क को सिर्फ कागजों में पूरा बताकर सारी राशि निकाल ली गई.



ऐसे में ग्रामीण अब सड़क निर्माण नहीं होने पर आंदोलन करने की चेतावनी दे रहे हैं. ग्रामीणों की मानें तो वे लोक सुराज के माध्यम से भी मामले की शिकायत कर चुके हैं, लेकिन तब भी कोई सुनवाई नहीं हुई. वहीं ग्रामीणों का यह भी कहना है कि जब भी वे अधिकारी से पूछते हैं, तो वे उन्हें जल्द ही सड़क बनकर तैयार होने की बात कहकर भेज देते हैं. हालांकि आज तक सड़क निर्माण कराने को लेकर कोई कार्य नहीं हुआ है.