इंदौर। सिंगापुर टाउनशिप के रास्ते पर घात लगाए बैठे चार लुटेरों ने सोमवार रात एक व्यापारी पर हमला कर दिया। आंखों में मिर्च झोंककर उन्होंने रॉड से सिर और हाथ-पैर पर कई वार किए। व्यापारी का हाथ टूट गया। वह खून में लथपथ था। हमलावर बैग छीनने की कोशिश करते रहे लेकिन वह लड़ता रहा। सात मिनट तक संघर्ष चला। राहगीर की गाड़ियां आईं तो बदमाश भाग निकले। व्यापारी निजी अस्पताल में भर्ती है।


लसूड़िया थाना क्षेत्र की सिंगापुर टाउनशिप के रास्ते पर सोमवार रात 11 बजे यह घटना हुई। सिंगापुर टाउनशिप के एकता अपार्टमेंट में रहने वाले हरीन शर्मा हार्डवेयर व्यापारी हैं। वे रात को चौधरी का ढाबा से निकलकर बाइक से घर जा रहे थे। जब एबी रोड स्थित पंचवटी टाउनशिप से आगे बढ़े और सिंगापुर टाउनशिप के रास्ते पर मुड़े ही थे कि बाइक सवार चार बदमाशों ने घेर लिया। उन्होंने योजनाबद्ध तरीके से शर्मा की आंखों में मिर्च झोंक दी। जब वे रुक गए तो बदमाशों ने रॉड से हमला कर दिया। इससे शर्मा बाइक सहित नीचे गिर पड़े।


लुटेरे उनका बैग छीनने लगे। शर्मा ने हार नहीं मानी। उन्होंने शोर मचाया और लुटेरों से भिड़ गए। घायल होने के बाद भी दो लुटेरों को लात-घूंसे मारे। हालांकि, अन्य दो लुटेरों ने उन्हें पकड़ लिया। वह उनका बैग छीन पाते इससे पहले वहां आसपास मौजूद सिक्युरिटी गार्ड और राहगीर गाड़ी लेकर आ गए। उन्हें देख लुटेरे भाग निकले। घायल शर्मा को पहले पंचवटी स्थित अस्पताल ले गए। उन्हें सिर में चोट थी। हाथ की हड्डियां भी टूट गई थीं। गंभीर मामला देख डॉक्टर ने अन्य अस्पताल में रैफर कर दिया।


प्रशासन की लापरवाही से चली जाती जान


व्यापारी शर्मा के साथी राजकुमार राठौर ने बताया कि शर्मा के बैग में लैपटॉप और 50 से 60 हजार रुपए थे। बदमाश उन्हें लूटने की फिराक में पहले ही बैठे थे। जहां घटना हुई वहां से लेकर सिंगापुर टाउनशिप के रास्ते पर स्ट्रीट लाइट नहीं है। इसकी कई बार शिकायत कर चुके हैं। फिर भी बिजली विभाग या नगर निगम सुध नहीं ले रहा है। अंधेरे के कारण ही यहां लुटेरों ने वारदात को अंजाम दिया है। समय रहते राहगीर नहीं पहुंचते तो लुटेरे शर्मा की जान भी ले सकते थे। शर्मा ने बताया कि हमलावर दो पल्सर बाइक पर आए थे। अंधेरा होने के कारण बाइक नंबर नहीं देख पाए।


सूचना के बाद भी पुलिस ने नहीं दिखाई गंभीरता


शर्मा के साथियों ने बताया कि रात को ही पुलिस को घटना की सूचना दे दी थी। अभी तक इस मामले में पुलिस ने उनसे संपर्क नहीं किया। पुलिस के इस रवैये से रहवासी कैसे सुरक्षित रह सकते हैं।