छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में हर साल गर्मी के मौसम में पानी की भीषण समस्या उत्पन्न हो जाती है. निगम की इस लापरवाही का खामियाजा हर साल यहां की आम जनता को भुगतना पड़ता है. ऐसे में इस साल भी पानी की भीषण समस्या से लोगों को जूझना पड़ सकता है.


रायपुर नगर निगम क्षेत्र को स्मार्ट सिटी बनाने की कवायद की जा रही है, लेकिन पानी जैसी मूलभूत समस्या का आज तक निराकरण नहीं किया जा सका है. हर साल गर्मी में लोगों को पानी की समस्या से जूझना पड़ता है. टैंकर से पानी सप्लाई करने के बाद भी कई इलाकों  में लोग प्यासे रह जाते हैं. निगम में उपनेता प्रतिपक्ष रमेश ठाकुर का साफ आरोप है कि पिछले सालों की समस्या से निगम ने कोई सबक नहीं लिया है, जिस कारण इस साल भी लोग पानी की समस्या झेलने को मजबूर होंगे.


आपको बता दें कि सिर्फ विपक्ष ही नहीं निगम प्रशासन को घेर रहा है बल्कि सत्ता पक्ष के लोग भी निगम को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं. नल घर के सबसे पुराने दो पानी की टंकियों को तोड़े जाने के बाद सदर बाजार वार्ड में पानी की समस्या रहती है. इसी तरह देवपुरी, डूमरतराई इलाकों में टैंकर के भरोसे ही लोगों को रहना पड़ता है. ऐसे में सत्ता पक्ष कांग्रेस के पार्षद सतीष जैन भी पानी की समस्या विकराल होने की बात कह रहे हैं.


वहीं महापौर प्रमोद दुबे भी यह खुद मान रहे हैं कि पानी की समस्या कई इलाकों में है, जिसे दूर करने के लिए उन्होंने जल्द ही प्रयास किए जाने की बात कही है.