नई दिल्ली पाकिस्तान की ओर से रविवार को हुए सीज़फायर उल्लंघन में कैप्टन कपिल कुंडू समेत चार जवान शहीद हो गए. पाकिस्तान इसके बावजूद बाज नहीं आ रहा है, लगातार फायरिंग कर रहा है. अब पाकिस्तान की कायराना करतूत को लेकर देशभर में एक बार फिर गुस्सा पनप रहा है, वहीं सरकार की ओर से कड़ा जवाब देने की बात की जा रही है. विपक्ष की ओर से भी लगातार सरकार पर निशाना साधा जा रहा है. पाकिस्तान की ओर से 2017 में 860 से भी ज्यादा बार सीज़फायर उल्लंघन किया, तो वहीं जनवरी 2018 में ही ये आंकड़ा 160 पार कर गया है.


बीजेपी जब विपक्ष में थी तब उन्होंने जवानों की शहादत का मुद्दा बड़े जोर-शोर से उठाया था. लेकिन अब जब सत्ता में हैं, तो पाकिस्तान से बातचीत की कोशिश भी की जाती है और जवानों की शहादत भी नहीं रुक रही है. हाल ही में भारत के एनएसए अजीत डोभाल ने भी पाकिस्तान के एनएसए से थाइलैंड में मुलाकात की थी. जिसपर विपक्षी पार्टियों ने सवाल खड़े किए थे. पाकिस्तान की ओर से फायरिंग को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर भी विपक्ष सवाल उठा रहा है.


जरूरी है फाइनल इलाज


गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने हाल ही में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा था कि हमने अपने जवानों से कहा हुआ है कि पाकिस्तान को जवाब देते वक्त गोलियों की गिनती ना करें. सरकार की ओर से लगातार कड़े बयान तो दिए जा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद भी जवानों के शहीद होने के सिलसिला नहीं रुक रहा है. सर्जिकल स्ट्राइक जैसे कड़े कदमों के बावजूद भी शायद पाकिस्तान इन सभी से ही रुकने वाला नहीं है. अब पाकिस्तान को कुछ फाइनल इलाज की जरूरत है. ना सिर्फ गृहमंत्री बल्कि उनके अलावा भी केंद्र सरकार के अन्य मंत्री भी लगातार पाकिस्तान को लेकर बयानबाजी कर रहे हैं.  


विपक्ष में रहते सुषमा स्वराज ने दिया था बयान


आपको बता दें कि 8 जनवरी 2013 में जब यूपीए सरकार का शासन था. उस दौरान पाकिस्तान सेना के जवान भारतीय सेना के लांसनायक हेमराज समेत दो सैनिकों का सिर काट कर ले गए थे. जब इस घटना पर जमकर बवाल हुआ था. तब की विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने इस घटना पर बयान देते हुए कहा था कि भारत सरकार को पाकिस्तान पर कड़ा एक्शन लेना चाहिए. सुषमा ने कहा था कि भारत को एक के बदले पाकिस्तानी सेना के जवानों के 10 सिर लाने चाहिए.


पीएम ने  रैलियों में किया था जिक्र


उस दौरान सुषमा के इस बयान पर भी राजनीति तेज हुई थी. 2014 के लोकसभा चुनावों के दौरान भी भारतीय सेना के जवानों के सिर काटे जाने का मुद्दा चुनाव प्रचार का मुद्दा बना था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी रैलियों में कहा था कि पाकिस्तान हमारे जवानों के सिर काट रहा है और सरकार पाकिस्तानी पीएम को चिकन बिरयानी खिला रहे हैं.


सिंधिया ने भी याद दिलाया था वादा


अभी संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी सुषमा स्वराज के इसी मुद्दे पर निशाना साधा था, उन्होंने सरकार को अपना वादा पूरा करने को कहा था. लोकसभा में सिंधिया ने कहा था कि सरकार बार-बार गलती को दोहरा रही है, सीमा पर जवानों की सुरक्षा के लिए कुछ नहीं किया जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बात पर चुप क्यों हैं. उन्होंने कहा कि बार-बार सीमा पार से आतंकी इस तरफ घुस रहे हैं, केंद्र सरकार क्या कर रही है.


इस दौरान सिंधिया ने कहा कि जो लोग पहले बातें किया करते थे कि हम एक के बदले दस सिर लाएंगे, पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देंगे. उस वादे का क्या हुआ, अब वो लोग चुप्पी साध कर क्यों बैठे हुए हैं. 


अब सवाल उठता है कि मोदी सरकार पाकिस्तान पर क्या कोई सख्त कदम उठाएगी. क्या अब समय आ गया है कि इस बार सर्जिकल स्ट्राइक से भी अधिक कड़ा कदम उठाकर पाकिस्तान की बोलती बंद की जाए.