मोदी सरकार के मंत्री ने कहा है कि देश में हवाई जहाज का सफर ऑटो रिक्शा से भी सस्ता है. देश में प्रति किलोमीटर किराये के पैमाने पर यात्री विमान और ऑटो रिक्शा की तुलना करते हुए नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री जयंत सिन्हा ने दावा किया कि देश में हवाई यात्रा अब तिपहिया वाहन से सफर के मुकाबले सस्ती हो गई है.


सिन्हा ने इंदौर मैनेजमेंट एसोसिएशन (आईएमए) के 27वें अंतरराष्ट्रीय प्रबंधन अधिवेशन में कहा, 'भारत में आज हवाई जहाज का किराया ऑटो रिक्शा से कम है. कुछ लोग कहेंगे कि मैं बकवास कर रहा हूं. लेकिन यह सच है.'


उन्होंने अपने दावे का गणित समझाते हुए कहा, "इन दिनों यात्रियों को दिल्ली से इंदौर की हवाई यात्रा पर महज पांच रुपये प्रति किलोमीटर का खर्च आता है. लेकिन अगर आप इस शहर में कोई ऑटो रिक्शा लेते हैं, तो आपको आठ या 10 रुपये प्रति किलोमीटर की अपेक्षाकृत ऊंची दर से किराया चुकाना पड़ता है." सिन्हा ने कहा, "दुनिया में सबसे सस्ते हवाई किराये के कारण देश के कई लोग हवाई सफर कर रहे हैं.


वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भी अपने हालिया बजट भाषण में कहा था कि हवाई चप्पल पहनने वाला शख्स भी अब हवाई जहाज में उड़ रहा है. उन्होंने बताया कि चार साल पहले देश में हर साल हवाई यात्रा करने वाले लोगों की संख्या 11 करोड़ थी, जबकि 31 मार्च को खत्म होने जा रहे मौजूदा वित्तीय वर्ष में इस आंकड़े के बढ़कर 20 करोड़ के स्तर पर पहुंचने की उम्मीद है.



नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री ने कहा, 'हम आने वाले सालों में हवाई यात्रा करने वाले लोगों की वार्षिक तादाद को पांच गुना बढ़ाकर 100 करोड़ पर पहुंचाना चाहते हैं.'


सिन्हा ने कहा कि अमेरिका और चीन जैसी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं को पछाड़ कर भारत को 'विश्व गुरु' बनाने के लिये आम लोगों से जुड़ी सेवाओं को बड़े पैमाने पर चलाकर किफायती बनाना होगा, उद्यमिता में नवाचार को बढ़ावा देना होगा और भारत की समस्याओं का हल स्वदेशी तरीके से खोजना होगा.


नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री ने बिजली से चलने वाले वाहनों के इस्तेमाल को देश में बढ़ावा देने की जरूरत पर जोर दिया. सिन्हा ने कहा, 'अगर उद्यमी बीड़ा उठाते हैं, तो आने वाले सालों में देश में बिजली से चलने वाले यात्री ड्रोन, हेलिकॉप्टर टैक्सी और एयर रिक्शा चल सकते हैं. इससे यातायात जाम से मुक्ति मिलेगी और सार्वजनिक परिवहन का स्वरूप भी बदल जायेगा.'