मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान मंत्रिमंडल के बहुप्रतीक्षित विस्तार में एक बार इंदौर को निराशा हाथ लगी है. तमाम राजनीतिक कयासों के बीच आखिरकार इंदौर से किसी भी विधायक को मंत्री नहीं बनाया गया. इंदौर से सुदर्शन गुप्ता और रमेश मेंदोला के नाम हर बार की तरह इस बार भी मंत्री पद की रेस में आगे बताए जा रहे थे, लेकिन ऐनवक्त पर दोनों का नाम इस सूची से कट गया.


माना जा रहा है कि इंदौर में ताई यानी स्थानीय सांसद सुमित्रा महाजन और भाई यानी कैलाश विजयवर्गीय के बीच राजनीतिक खींचतान के चलते इंदौर से किसी को मंत्री पद से नवाजा नहीं गया. इंदौर क्षेत्र क्रमांक एक से विधायक सुदर्शन गुप्ता को ताई के खेमे की नुमाइंदगी करते हैं. वहीं, इंदौर क्षेत्र क्रमांक दो से विधायक रमेश मेंदोला, कैलाश विजयवर्गीय के करीबी हैं.


ऐसे में ताई और भाई के बीच राजनीतिक रस्साकशी के चलते शिवराज सिंह चौहान ने 'सेफ' खेलते हुए इंदौर को एक बार फिर मंत्री पद से दूर रखा है. शिवराज सिंह चौहान कैबिनेट में 2008 के बाद से केवल कैलाश विजयवर्गीय ही इंदौर जिले की नुमाइंदगी करते रहे हैं. राष्ट्रीय राजनीतिक में सक्रिय होने के बाद विजयवर्गीय ने मंत्री पद छोड़ दिया था. तब से इंदौर से कोई भी भाजपा विधायक को शिवराज कैबिनेट में शामिल नहीं किया गया है.