इंदौर । एसिड अटैक किसी महिला पर हुआ हो या पुरुष पर, शासन मुआवजा देने से इनकार नहीं कर सकता। हाई कोर्ट ने शुक्रवार एक मामले में आदेश दिया कि एसिड अटैक में घायल पुरुष के खाते में 19 फरवरी से पहले तीन लाख रुपये जमा कराए जाएं। इसमें से एक लाख रुपये शासन को तुरंत जमा कराने होंगे।


इंदौर के गांधी नगर क्षेत्र की इंदिरा आवास कॉलोनी में रहने वाला नंदलाल (28) पिछले साल 25 नवंबर को एसिड अटैक में घायल हो गया था। उसके मकान के सामने रहने वाले विक्रम, उसकी पत्नी हीरामणि और बेटी निकिता ने पानी निकालने के बहाने उसे हौज में उतारा।


बाद में तीनों आरोपियों ने उस पर एसिड डाल दिया। वह किसी तरह बाहर निकला तो आरोपियों ने उसे पीटा। वह गंभीर रूप से घायल हो गया। एडवोकेट शन्नाो शगुफ्ता खान ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि कानूनन एसिड अटैक के पीड़ित को शासन से तीन लाख रुपए मुआवजा मिलना चाहिए।


पिछली सुनवाई पर शासन ने कोर्ट में कहा था कि पीड़ित के दो अलग-अलग नाम सामने आ रहे हैं। हालांकि शुक्रवार को शासन ने जवाब दिया कि इस संबंध में संशय दूर हो गया है।