बिलासपुर। हाईकोर्ट ने माना है कि सरकारी सेवक की मौत के बाद उसकी तलाकशुदा पत्नी अनुकंपा नियुक्ति की पात्र नहीं है। इसके साथ ही अनुकंपा नियुक्ति दिलाने प्रस्तुत आवेदन को खारिज कर दिया है। याचिकाकर्ता भिलाई निवासी श्रीमती अन्नपूूर्णा जाटवर की राजनांदगांव जिला की मोहला जनपद पंचायत में सहायक यंत्री के पद में कार्यरत इंद्र प्रकाश जाटवर से शादी हुई थी।


पारिवारिक विवाद के कारण पत्नी ने 6 दिसंबर 2016 को पति से तलाक ले लिया। परिवार न्यायालय ने पत्नी व उसके नाबालिग पुत्र के लिए 4 हजार 5 सौ रुपए मासिक भरण पोषण राशि तय की। तलाक के 6 माह बाद इंद्र प्रकाश जाटवर की मौत हो गई।


तलाकशुदा पत्नी ने उसके स्थान पर अनुकंपा नियुक्ति पाने मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत मोहला जिला राजनांदगांव के समक्ष आवेदन दिया। सीईओ ने आवेदन खारिज कर दिया। इसके खिलाफ उसने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की।


याचिका में कहा गया कि मृतक तलाकशुदा पति को प्रतिमाह भरण पोषण राशि देता था। ऐसे में याचिकाकर्ता उसकीआश्रित है। वहीं शासन ने अपने जवाब में कहा कि याचिकाकर्ता मृत शासकीय कर्मचारी की बेवा नहीं है। इस कारण से अनुकंपा नियुक्ति के लिए पात्र नहीं है।


हाईकोर्ट ने मामले में अधिवक्ता अमृतो दास को न्यायमित्र नियुक्त कर सुझाव मांगा था। न्यायमित्र ने अपने सुझाव में कहा कि याचिकाकर्ता का वैवाहिक संबंध तलाक की डिक्री पारित होने के बाद समाप्त हो गया है। उसकी मृतक की बेवा की स्थिति नहीं है।


जस्टिस संजय के. अग्रवाल के कोर्ट में मामले में सुनवाई हुई। कोर्ट ने आदेश में कहा कि प्रकरण में याचिकाकर्ता मृत कर्मचारी की बेवा नहीं है। शासन की अनुकंपा नियुक्ति पॉलिसी में कोई प्रावधान नहीं है। कोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए कहा कि सरकारी सेवक की तलाकशुदा पत्नी अपने पूर्व पति की मृत्यु होने पर अनुकंपा नियुक्ति की पात्र नहीं है। कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया है।


इनको मना गया है पात्र


न्यायमित्र ने अपनी रिपोर्ट में अनुकंपा नियुक्ति के लिए शासन की14 जून 2013 की पॉलिसी को प्रस्तुत किया। इसके अनुसार शासकीय सेवक के आश्रित परिवार के व्यस्क सदस्यों में से कोई एक अनुकंपा नियुक्ति के लिए पात्र होगा।


इसमें दिवंगत कर्मचारी की विधवा या विधुर, पुत्र व दत्तक पुत्र, अविवाहित पुत्री या अविवाहित दत्तक पुत्री, आश्रित विधवा पुत्री या आश्रित विधवा दत्तक पुत्री, आश्रित तलाकशुदा पुत्री व दत्तक पुत्री ही अनुकंपा नियुक्ति के लिए पात्र होंगे। इसमें तलाकशुदा पत्नी को अनुकंपा नियुक्ति दिए जाने का कोई प्रावधान नहीं है।