इंदौर । रेल बजट में इंदौर के हाथ निराशा ही लगी है। वर्तमान में चल रही परियोजनाओं के लिए पैसा मिलने की उम्मीद थी, लेकिन केवल महू-खंडवा गेज कन्वर्जन में सनावद के लिए पैसा आवंटित हुआ है। वहीं प्रीमियम ट्रेन में कैमरे भी लगाए जाएंगे। इस बार सारा पैसा दूरगामी योजनाओं के लिए दिया गया है। जो भविष्य में सफर को सुरक्षित और आसान बनाएगा।


गुरुवार को आए बजट के पहले ही विशेषज्ञ इस बात की आशंका जाहिर कर रहे थे कि शहर को कोई नई ट्रेन नहीं मिलेगी। लेकिन वर्तमान में चल रही परियोजनाओं के लिए और बजट आवंटित करने की उम्मीद थी। लेकिन सरकार ने झटका देते हुए ज्यादा आवंटन नहीं दिया है। केवल सनावद के आगे के काम के लिए बजट आवंटित किया है। इसके अलावा नए वैगन, कोच और इंजन खरीदने की घोषणा की गई है। जिससे मंडल में नए ट्रेन भी मिल सकती है।


सुरक्षित सफर के लिए


रतलाम मंडल में संरक्षा प्रथम नीति पर बल देते हुए फॉग सेफ तथा ट्रेन प्रोटेक्शन एंड वार्निंग सिस्टम तकनीक को बढ़ावा देने के लिए पैसा दिया गया है। इसके अलावा मंडल में 4257 मानवरहित रेल क्रॉसिंग को अगले दो साल में खत्म करने के लिए कहा गया है।


फायदा- एडवांस सिस्टम मिलने से ट्रेन लेट नहीं होगी। क्रॉसिंग पर होने वाली दुर्घटनाओं में कमी आएगी।


ट्रेनों में कैमरे


- नए बजट में ट्रेनों में सीसीटीवी कैमरे और वाईफाई सुविधा प्रदान करने की बात कही गई है। इंदौर स्टेशन पर पहले से ही वाईफाई की सुविधा है। यहां एचडी कैमरे लगाए जा चुके हैं। अभी यहां से चल रही किसी भी ट्रेन में कैमरा नहीं है। संभवतः सुपर फास्ट या दूरंतो कैटेगरी की ट्रेन में कैमरे लगाए जाएंगे।


फायदा- ट्रेनों में होने वाली घटनाओं पर रोक लग सकेगी।


गेज परिवर्तन


विशेषज्ञों के मुताबिक, बजट में पूरे मंडल में गेज परिवर्तन कर ब्रॉडगेज किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। इंदौर से इसके लिए पहले ही प्रोजेक्ट चल रहा है। महू-सनावद का काम ही किया जाना बाकी है। जबकि सनावद से खंडवा के बीच काम चल रहा है। इसके लिए भी पैसा दिया गया है।


फायदा - गेज परिवर्तन होने पर ट्रेनें जल्दी पहुंच जाएंगी।


यह मिला


- 25 हजार से ज्यादा यात्री वाले स्टेशन को एस्केलेटर


(इंदौर स्टेशन पर दो एस्केलेटर लगकर तैयार)


- सभी स्टेशनों और ट्रेनों में सीसीटीवी एवं वाईफाई


(इंदौर स्टेशन पर एचडी कैमरे पहले से लगे हुए हैं)


पुरानी घोषणाओं का क्या


विशेषज्ञों ने बताया कि नए बजट में अभी यह क्लीयर नहीं हुआ है कि पहले की कई घोषणाओं के लिए कितना पैसा आंवटित हुआ है। इंदौर-मनमाड़, इंदौर- गोधरा, छोटा उदयपुर-धार रेल लाइन, मांगलिया स्टेशन को शिफ्ट करने की योजना ,महू और इंदौर में अतिरिक्त पिटलाइन, लक्ष्मीबाई नगर-रतलाम वाया फतेहाबाद विद्य़ुतीकरण सहित अन्य परियोजनाओं के लिए क्या हुआ है। यह बाद में पता चलेगा।


कुछ खास नहीं आया इंदौर के हाथ


बजट में इंदौर के साथ-साथ मध्यप्रदेश के लिए भी कुछ खास हाथ नहीं आया है। जिन परियोजनाओं के लिए पैसा मिला है, वे पहले से चल रही हैं। एक-दो दिन में पिंक बुक आने के साथ ही स्थिति और साफ हो पाएगी। - जितेंद्र कुमार जयंत, सीनियर पीआरओ रतलाम मंडल


यह बजट लांग टर्म के लिए


बजट में अभी जो जानकारी मिली है उसमें यात्री सुविधा, अधोसंरचना और संरक्षा के लिए पैसे दिए गए हैं। इन योजनाओं को पूरा करने में कुछ साल लग जाएंगे। लेकिन इसका लाभ आगे जाकर मिलेगा। रतलाम मंडल में जो घोषणाएं और आवंटन किया गया है। आगे जाकर लोगों को काफी फायदा होगा। - नागेश नामजोशी, सदस्य रेलवे बोर्ड पैसेंजर एमिनिटीज कमेटी


अधिकारियों की उदासीनता बढ़ा रही प्रोजेक्ट कास्ट


रेलवे अधिकारी पुरानी परियोजनाओं को जल्दी खत्म करने में दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। उनकी उदासीनता के कारण प्रोजेक्ट की कास्ट बढ़ रही और समय भी खराब हो रहा है। नए बजट में पुरानी परियोजनाओं को ही पैसा दिया गया है। - अजीत सिंह नारंग, रेलवे विशेषज्ञ