नई दिल्ली गूगल ने एंड्रॉयड प्ले स्टोर से पिछले साल 7 लाख ऐप्स हटाए हैं. कंपनी ने इन ऐप्स को प्ले स्टोर की पॉलिसी के उल्लंघन करने की वजह से हटाया है. इतना ही नहीं गूगल ने 1 लाख डेवेलपर्स को भी प्ले स्टोर से हटाया है जो सही नहीं थे. ये ऐसे डेवेलपर्स थे जो अश्लील, मैलवेयर वाला ऐप और ऐसे ऐप्स अपलोड करते थे जो गूगल की पॉलिसी के खिलाफ है.  


गूगल ने अपने ब्लॉग में कहा है कि 2017 में ऐप हटाए जाने की संख्या 2016 के मुकाबले 70 फीसदी ज्यादा है. पिछले साल गूगल ने बताया था कि कंपनी गूगल प्ले पर खराब ऐप्स को स्कैन करने के लिए मशीन लर्निंग का इस्ताल करता है. इतना ही नहीं मैलवेयर डिटेक्ट करने के लिए भी कंपनी ने स्ट्रैटिजी बनाई.  


ब्लॉग में कहा गया है, ‘  हमने ना सिर्फ ऐप हटाए हैं, बल्कि हम उन्हें पहचान कर हटा लेने में भी सक्षम हैं . इन ऐप में से 99 फीसदी अश्लील कॉन्टेंट वाले थे जिसे किसी के इंस्टॉल करने से पहले ही हटा लिया गया’


गौरतलब है कि पिछले साल ही गूगल ने Google Play Protect लॉन्च किया है. कंपनी के मुताबिक यह 2 अरब डिवाइस में है और यह ऐप में छिपे मौलवेयर को स्कैन करने का काम करता है.  


हटाए गए ऐप्स में ऐसे भी थे जिन्हें कॉपीकैट कगा जा सकता है. ये ऐप देखने में किसी असली ऐप जैसे लगते हैं और यूजर उसे असली समझ कर धोखे से डाउनलोड करता है.


प्ले प्रोटेक्ट दरअसल एंड्रॉयड में इंस्टॉल्ड ऐप्स को स्कैन करता है. इन सब के बावजूद आम तौर पर एंड्रॉयड प्ले स्टोर और ऐप्स के जरिए स्मार्टफोन्स में सबसे ज्यादा मैलवेयर अटैक होता है. हालांकि iPhone का ऐप स्टोर इन मामलो में सिक्योर है.