नई दिल्ली: चंद्र ग्रहण या सूर्य ग्रहण आते ही इसे देखने के लिए कई गाइड लाइन्स बना दी जाती हैं. हर कोई अलग-अलग बाते कहता है कि इस दिन क्या करना चाहिए और क्या नहीं. इसके साथ इसे देखने से होने वाले कई नुकसानों के बारे में भी बताया जाता है कि ग्रहण देखने से आंखों की रोशनी पर फर्क पड़ता है. धुंधला दिखाई देता है या फिर धुंधलापन हमेशा के लिए रह जाता है. 


आपको बता दें कि सूर्य ग्रहण के दौरान सोलर रेडिएशन से आंखों के नाजुक टिशू डैमेज हो जाते है, जिस वजह से आखों में विजन - इशू यानि देखने में दिक्कत हो सकती है. इसे रेटिनल सनबर्न भी कहते हैं. ये परेशानी कुछ वक्त या फिर हमेशा के लिए भी हो सकती है. लेकिन चंद्र ग्रहण के दौरान ऐसा नहीं होता. इस दिन चांद को खुली आंखों से देखने से कोई नुकसान नहीं होता. 

आपको बता दें 31 जनवरी को साल 2018 का पहला चंद्र ग्रहण होगा. यह पूर्ण चंद्रग्रहण 77 मिनट तक रहेगा. इसका समय शाम 5.58 मिनट पर शुरू हो रहा है जो रात 8.41 तक चलेगा. नीचे जानिए कि चांद को देखने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए. 

चंद्र ग्रहण के दौरान इन बातों का रखें ध्यान:

 

1.  सूर्य ग्रहण की तरह आपको इसे चश्मों के साथ देखने की ज़रूरत नहीं. बल्कि आप चंद्र ग्रहण को नंगी आंखों से देख सकते हैं. वहीं, सूर्य ग्रहण को खास सोलर फिल्टर वाले चश्मों से देखने की सलाह दी जाती है जिन्हें सोलर-व्युइंग ग्लासेस, पर्सनल सोलर फिल्टर्स या आइक्लिप्स ग्लासेस कहा जाता है. 


2. आप चाहे तो खुले मैदान या फिर पास के किसी पार्क में जाकर चांद का दीदार कर सकते हैं. 


3. सिर्फ चश्मे ही नहीं इस ग्रहण को देखने के लिए आपको किसी भी तरह से खास आंखों को प्रोटेक्ट करने वाले साधन की ज़रूरत नहीं है.