मुंगेली/बिलासपुर। मुंगेली के पार्षद के 11 वर्षीय पुत्र ने पांच नकाबपोश कार सवार युवकों द्वारा अपने अपहरण की झूठी कहानी बनाई थी। पुलिस अफसरों की पूछताछ व सीसीटीवी फुटेज की जांच से इसका खुलासा हुआ है। वह साइकिल से तखतपुर आया था। फिर रास्ता भटककर साइकिल से ही बिलासपुर स्थित 36 मॉल के पास पहुंच गया। बालक से सच्चाई जानकर पुलिस ने भी राहत की सांस ली है।

पार्षद सोम वर्मा के 11 वर्षीय पुत्र सक्षम वर्मा छठवीं कक्षा का छात्र है। बुधवार को वह रहस्यमय तरीके से गायब हो गया। इस बीच दोपहर करीब 3 बजे परिजन को उसके बिलासपुर में 36 सिटी मॉल के सामने बदहवास मिलने की जानकारी हुई। लिहाजा, घबराए परिजन सीधे बिलासपुर पहुंचे और बच्चे को लेकर मुंगेली लौट गए। फिर इस घटना की सूचना मुंगेली पुलिस को दी। बालक ने परिजन व पुलिस को जो कहानी बताई, उसे सुनकर पुलिस भी हैरान रह गई। लिहाजा, अपहरण का मामला दर्ज कर अपराधियों की पतासाजी शुरू की गई। गुरुवार को एसपी पारुल माथुर ने पुलिस अफसरों के साथ खुद बालक से बातचीत की। उससे साइकिल के बारे में पूछने पर बालक घबरा गया। बारीकी से पूछताछ करने पर बालक ने सच्चाई बताई। इस बीच पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज भी खंगाला, तब तखतपुर में सीसीटीवी फुटेज में बालक साइकिल से तेजी से भागते हुए नजर आया। एसपी श्रीमती माथुर ने बालक को भरोसे में लेकर पूछताछ की। तब उसने साइकिल से बिलासपुर पहुंचने की बात बताई। उसने साइकिल को 36 मॉल के पास ही खड़ा कर दिया था। तब पुलिस अफसरों ने राहत की सांस ली। इस दौरान उनके साथ एडिशनल एसपी ज्योति सिंह, एसडीओपी तेजराम पटेल समेत अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। पुलिस अफसरों ने मामले की तस्दीक की। साथ ही यह भी आंकलन किया कि मुंगेली से 55 किलोमीटर के सफर को बालक ने महज करीब 3 घंटे में तय कर लिया। मालूम हो कि बुधवार को बालक 36 सिटी मॉल के पास रोते-सहमे मिला। पूछताछ के दौरान ही उसने बता दिया कि वह मुंगेली का रहने वाला है। उसने अपने पापा का मोबाइल नंबर भी बताया। लिहाजा, खबर मिलते ही परिजन उसे लेने के लिए बिलासपुर पहुंच गए। फिर कोतवाली थाना पहुंचकर घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई। घबराए बालक ने पूछताछ में दाउपारा रामगढ़ गली से पांच नकाबपोश युवकों ने उसे एक वैन में बैठा लिया और रास्ते में नशीली दवा सूंघा दी, जिससे वह बेहोश हो गया। तखतपुर में होश आने पर उसे फिर से नशीली दवा सूंघा दी गई।


बच्चे की निशानदेही पर मिली साइकिल


एसपी श्रीमती माथुर ने बताया कि बालक को बहला-फुसलाकर पूछताछ की गई। उससे साइकिल के संबंध में जानकारी ली गई, तब उसे गलती पकड़ाने का अहसास हुआ। फिर उसने अपने आप ही बता दिया कि वह साइकिल से बिलासपुर चला गया था। उसकी निशानदेही पर 36 मॉल के पास से साइकिल भी बरामद कर लिया गया है।


बिलासपुर पुलिस को नहीं थी भनक


पुलिस अफसरों ने बताया कि बालक के परिजन को भी उसके अपहरण होने की भनक नहीं थी। दोपहर में उनके पास जब बिलासपुर से अनजान नंबर से फोन आया और सक्षम के 36 सिटी मॉल के पास भटकने की खबर मिली, तब उन्हें पता चला। परिजन उसे लेने के लिए बिलासपुर आ गए और वापस लेकर सीधे मुंगेली के कोतवाली थाना पहुंचे। इस बीच पूछताछ में उसने अपहरण की कहानी बताई। फिर पुलिस ने अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी। इस बीच पूरे घटनाक्रम की भनक बिलासपुर पुलिस को नहीं थी।