जबलपुर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य शासन को निर्देश दिया है कि अनुदान प्राप्त शाला शिक्षकों व कर्मियों को 4 माह के भीतर हर हाल में ग्रेच्युटी का लाभ प्रदान किया जाए।न्यायमूर्ति वंदना कासरेकर की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान याचिकाकर्ता मप्र माध्यमिक शिक्षक संघ की ओर से अधिवक्ता केसी घिल्डियाल व प्रदीप द्विवेदी ने पक्ष रखा।


उन्होंने दलील दी कि हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच ने पूर्व में जो आदेश पारित किया है, उसकी रोशनी में याचिकाकर्ता संघ के सदस्य शिक्षकों व कर्मियों को ग्रेच्युटी का लाभ मिलना चाहिए।


इस संबंध में आवेदन-निवेदन के बावजूद अनसुनी किए जाने के कारण न्यायहित में हाईकोर्ट आना पड़ा। कायदे से सेवानिवृत्ति के समय ग्रेच्युटी राशि शिक्षक व कर्मियों का हक होती है।


इसके बावजूद अनुदान प्राप्त शाला शिक्षकों व कर्मियों के साथ भेदभाव समझ के परे है। पूर्व में लंबी कानूनी लड़ाई के बाद थोड़ी राहत मिली थी और अब नए सिरे से ग्रेच्युटी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।