जबलपुर। मप्र में अब फ्रांस की ईडीएफ कंपनी बिजली की बर्बादी रोकेगी, वह भी बिना कोई फीस लिए। इस कंपनी ने फ्रांस में चार प्रतिशत तक लाइनलॉस कर दिया है। जबकि मध्य प्रदेश में औसत 27 प्रतिशत लाइनलॉस को करीब 15 प्रतिशत तक या उससे भी कम लाने का मप्र पावर मैनेजमेंट कंपनी लक्ष्य निर्धारित कर रही है। यह काम अब फ्रांस की ईडीएफ कंपनी के जरिए संभव हो सकता है। मप्र पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड और ईडीएफकी भारतीय इकाई ईडीएफ इंटरनेशनल नेटवर्क्स के बीच बुधवार को अनुबंध हुआ।


ये है ईडीएफ


ईडीएफ फ्रांस की विश्व प्रसिद्ध शासकीय कंपनी है। इस कंपनी ने फ्रांस में बिजली की बर्बादी काफी हद तक रोकी है। इससे तीनों विद्युत कंपनियां प्रदेश में फ्रांस की इस कंपनी का उपयोग करना चाहती हैं। यह कंपनी दुनिया भर में बिजली क्षेत्र में अग्रणी कंपनी है। मध्यप्रदेश में फेसेप योजना के तहत यह कंपनी तकनीक सहायता देगी।


कंपनी स्वयं वहन करेगी खर्च


ईडीएफ कंपनी मप्र में पूरे प्रोजेक्ट की लागत स्वयं वहन करेगी। इससे प्रदेश में तीनों कंपनियों को कोई खर्च वहन नहीं करना पड़ेगा। इससे आम जनता पर भी भविष्य में यह कंपनियां कोई आर्थिक भार नहीं डाल सकेंगी।


इन क्षेत्रों में होगा काम


ईडीएफ कंपनी सोलर ऊर्जा के एकीकरण, स्काडा, विद्युत वितरण हानियों में कमी लाने के लिए कार्य करेगी। यह पूर्व क्षेत्र, मध्य क्षेत्र और पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनियों के लिए कार्य करेगी।


हो चुका अनुबंध


ईडीएफकंपनी का अनुबंध एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड के साथ हो चुका है। पॉवर मैनेजमेट कंपनी के क्षेत्रीय कार्यालय भोपाल में आयोजित बैठक में प्रदेश के ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव आईसीपी केशरी, एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी के प्रबंध संचालक संजय कुमार शुक्ल, कंपनी के सीईओ मर्लिन बुशे, राजदूतावास अधिकारी डोमेनिक लैगार्ड और भारतीय इकाई के प्रमुख हरमनजीत नागी उपस्थित थे। इस अवसर पर मौजूद फ्रांस राजदूतावास के आर्थिक मामलों के मिनिस्टर काउंसलर ज्यां मार्क फेने ने कहा कि तकनीक सहयोग का यह प्रोजेक्ट ईडीएफ और मध्य प्रदेश के लिए फ्लैगशिप सिद्ध होगा।


इनका कहना है


फ्रांस की शासकीय कंपनी ईडीएफ ने प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र में सुधार में रुचि दिखाई है। वितरण हानियों को 4 प्रतिशत तक रखने में यह कंपनी फ्रांस में सफल रही है। प्रदेश में भी ईडीएफ के सहयोग से तकनीक हानियों के नियंत्रण का लक्ष्य हासिल किया जाएगा। 


-आईसीपी केशरी प्रमुख सचिव, ऊर्जा विभाग


ईडीएफ तकनीकी हानियों को कम करने के लिए मध्य क्षेत्र कंपनी को, स्काडा के लिए पूर्व क्षेत्र कंपनी को और पश्चिम क्षेत्र कंपनी को सौर एवं पवन ऊर्जा जैसे विषयों में तकनीक सहयोग प्रदान करेगी।


- संजय कुमार शुक्ल प्रबंध संचालक, पावर मैनेजमेंट कंपनी