दुनिया की महाशक्ति कहा जाने वाले देश अमेरिका इन दिनों आर्थिक संकट से जूझ रहा है. सरकार ने अपने कई विभागों के कर्मचारियों को काम पर आने से मना कर दिया है, जिससे कई सरकारी विभाग बंद हो गए हैं. अमेरिका में हुए इस शटडाउन से कई सरकारी सेवाएं ठप हो गई है. आइए जानते हैं क्या है शटडाउन और यह किस वजह से हुआ है.

दरअसल अमेरिका में सीनेट की ओर से सरकारी खर्चे का बिल खारिज हो गया है, जिसकी वजह से ट्रंप सरकार के पहले साल के कार्यकाल में ही कामकाज बंद हो गया है. इस बिल को पक्ष और विपक्ष के बीच तनातनी को लेकर मंजूरी नहीं मिल पाई.

शटडाउन होने से करीब 7 लाख कर्मचारी काम पर नहीं आ रहे हैं. बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार यह संख्या कुल सरकारी कर्मचारियों की 40 फीसदी बताई जा रही है. शटडाउन की वजह से पासपोर्ट कार्यालय, स्वास्थ्य विभाग, आयकर विभाग आदि बंद है.

हालांकि कई आवश्यक सेवाएं जारी हैं. बताया जा रहा है कि इसमें कई सरकारी विभागों के कर्मचारियों को काम करने से मना किया जा सकता है.

क्या है शटडाउन- बता दें कि अमेरिका में एक ऐसा एक्ट लागू है, जिसकी वजह से वहां पैसे को लेकर कोई दिक्कत होने पर संघीय कर्मचारियों को छुट्टी पर भेज  दिया जाता है और इस एक्ट का नाम है एंटी-डिफिशिएंसी ऐक्ट.

शट-डाउन के दौरान जब कर्मचारियों को काम पर आने के लिए मना किया जाता है, तो उन्हें सैलरी भी नहीं दी जाती है. साथ ही ऐसे में सरकार को संघीय बजट पास करना होता है.

बता दें कि 5 साल में यह दूसरी बार अमेरिका में शटडाउन हुआ है. इससे पहले 2013 में शटडाउन की स्थिति पैदा हुई थी और यह शटडाउन 16 दिनों तक चला था. इस दौरान अमेरिका की कमान बराक ओबामा के हाथ में थी.

अब तक अमरीका में 1976 के बाद से 18 बार काम बंदी या शटडाउन हो चुका है.

बताया जा रहा है कि इस बार यह शटडाउन जल्दी खत्म नहीं होगा, क्योंकि दोनों पार्टिया विधेयक को लेकर अपनी मांग पर अड़ी है.