बिलासपुर। राज्य शासन ने बेरोजगारों की वास्तविक स्थिति जानने के लिए ट्रैकिंग का सहारा लिया है। इसके माध्यम से नौकरी दिलाने में रोजगार कार्यालय की भूमिका का भी पता चल पाएगा। इन आंकड़ों के आधार पर शासन रोजगार उपलब्ध कराने की योजना बनाएगा।


शासन का निर्देश मिलने के बाद बिलासपुर रोजगार कार्यालय ने काम शुरू कर दिया है। इसके तहत सभी पंजीकृत बेरोजगारों से फोन और एसएमएस के माध्यम से संपर्क किया जा रहा है। उसने पहले से तय बिंदुओं पर प्रश्न कर फीडबैक लिया जाता है।

वर्तमान में 1 लाख 84 हजार में से 15 हजार 143 पंजीकृत युवाओं की ट्रैकिंग की गई है। इनमें से 11 हजार 585 बेरोजगार हैं। वहीं 328 लोग सरकारी नौकरी कर रहे हैं। शेष प्राइवेट कंपनियों में नौकरी या अपना व्यापार कर रहे हैं। ट्रैकिंग से पता चला है कि बेरोजगारी की दर बढ़ी है।


इन बिंदुओं पर लिया जा रहा फीडबैक


- एनसीएम की जानकारी


- कौशल विकास प्रशिक्षण के बाद ऋण संबंधी जानकारी


- वर्तमान में नौकरी मिलने या नहीं


- प्लेसमेंट कैंप में शामिल होने की जानकारी


- बेरोजगारों के वर्तमान स्थिति


- ऑनलाइन वेकेंसी संबंधित जानकारी


- रोजगार कार्यालय से की गई मदद


नाराजगी जता रहे बेरोजगार


ट्रैकिंग के दौरान बेरोजगारों से संपर्क करने पर ज्यादातर ने नौकरी नहीं मिलने पर नाराजगी जताई। वे सिस्टम पर सवाल उठा रहे हैं। बेरोजगारों का कहना है कि शासन युवाओं को नौकरी दिलाने का कोई प्रयास नहीं कर रहा है।


वर्जन


बेरोजगारों की वास्तविक स्थिति जानने के लिए शासन के निर्देश पर पंजीकृत युवाओं की ट्रैकिंग की जा रही है - 


एसी पहारे जिला रोजगार अधिकारी