पार्क प्रबंधन नें कि वैकल्पिक व्यवस्था

उमरिया। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में बीते शुक्रवार से पार्क के गाईड़ जिप्सी यूनियन हड़ताल पर चले गये हैं । जिससे पार्क में आनें वाले पर्यटकों को कि कठिनाई को देखते हुये पार्क प्रबंधन नें वैकल्पिक व्यवस्था भी कर ली है और पार्क में भ्रमण के लिये आनें वाले सैलानियों को किसी भी तरह से परेशानी ना हो इसके लिये प्रबंधन नें कमर कस ली है, वहीं अपनी मांगो को लेकर पार्क में कार्यरत गाईड व जिप्सी आमरण अनशन कि चेतावनी दे रहे हैं।


यह हैं मांगे- जानकारी के मुताबिक पार्क में गाईड़ के रुप में कार्यरत गाईड़ व सैलानी भ्रमण के लिये अनुबंधित जिप्सी यूनियन के द्वारा पार्क डायरेक्टर को मांग पत्र सौंपा गया जिसमें , पार्क डायरेक्टर मृदुल पाठक का स्थानांतरण , गाईडो को प्रति फेरे भुगतान राशि 350 से 500 करनें व टाईगर द्वारा किसी भी तरह कि पशु हानि होनें पर 24 घंटे के भीतर उसका हानि भुगतान व पार्क द्वारा रोके गये  कमलेश्वर बैगा नामक गाईड को पुन: कार्य पर भेजनें की अनुमति जैसी मांगे रखी गई है।


तर्कविहीन है मांगे- पार्क के इन कार्यरत गाईड़ों और जिप्सी संचालकों कि मांगो के बारे में जानकारी मिलनें के बाद प्रबंधन से जो जानकारी मिली उससे यह स्पष्ट हो जाता है इनके द्वारा की जानें वाले मांगे तर्कविहीन है , पार्क प्रबंधन के अनुसार पार्क डायरेक्टर का स्थानांतरण राज्य शासन द्वारा किया जा सकता है जिसके लिये राज्य शासन स्वतंत्र है, गाईड़ो के प्रति फेरे दर का निर्धारण राज्य शासन द्वारा किया जाता है दिसमें किसी भी तरह के फेरबदल के लिये राज्य शासन कि गाईडलाइन के अनुसार की जा सकती पार्क डायरेक्ट के अधिकार में यह नहीं है एवं इस दर का निर्धारण पूरे प्रदेश में है जिसका भुगतान किया जा रहा है, अन्य मांगो में कमलेश्वर बैगा नामक गाईड को कार्य पर पुन: भेजे जानें को है जो पार्क प्रबंधन द्वारा मान लिया गया लेकिन उक्त गाईड द्वारा पार्क के बुकिंग काउंटर पर बैठे कर्मचारी के साथ मारपीट की गई थी जिस पर यह कार्यवाही कि गई थी।

स्थानीय विधायक कि भी नहीं मानी बात- जानकारी के अनुसार इस गाईडो कि इस हड़ताल का पता चला तो स्थानीय विधायक मीना सिंह नें इस मामले पर चर्चा करते हुये गाईडो और जिप्सी यूनियन से हड़ताल खत्म करनें को कहा पर उनकी बात भी नहीं मानी गई।

मनमानी पर उतारु- लगातार पार्क कि बेहतर व्यवस्था और सैलानियों का रुझान जिस तरह से बांधवगढ़ के लिये वाइल्ड लाइफ प्रेमियों के लिये बढ़ता जा रहा है उससे ताला में रोजगार व व्यवसाय बेहतर हुआ जिसका फायदा किसी न किसी रुप से यह पाने की चाहत रखते हैं और उसके लिये नये नये हथकंडे अपना रहे हैं।

वार्ता भी नहीं कर रहे हड़ताली-
जानकारी के मुताबिक पार्क डायरेक्टर द्वारा इस हड़ताल पर चर्चा को लेकर तीन बार बात करनें के लिये इन्हे बुलाया गया लेकिन उक्त दोनों यूनियन वार्ता के लिये नहीं आये।

यूनियन नेता कर रहे गुमराह-
स्थानीय स्तर पर जानकारी के अनुसार और प्रबंधन से मिली जानकारी से यह पता लगा गाईड यूनियन के एक नेता जो कि ज्यादातर अस्वस्थ रहते हैं वह मनमर्जी कि तर्ज पर काम करना चाहते हैं उनके द्वारा पार्क रोस्टर का पालन नहीं किया जाता जिसको लेकर प्रबंधन उन्हें कई बार समझा चुका है, लेकिन वह मनमानी के लिये अपनें यूनियन को गुमराह कर यह रास्ता अपना रहे हैं।

कई गाईड है जिप्सी के मालिक-
जानकारी है कि कई गाईड और रिसोर्ट मालिक पार्क में चल रही जिप्सियों के मालिक हैं जिससे यहां आनें वाले सैलानियों से यह मोटी रकम वसूलते हैं जबकि पार्क में इनकी किसी भी तरह कि मनमानी नहीं चल पाती जिससे यह प्रबंधन पर दबाव बनानें उक्त रास्ता अपना रहे हैं।