काबुल  अफगानिस्तान की राजधानी काबुल के एक होटल पर शनिवार रात आतंकियों ने हमला कर दिया था। सुरक्षाकर्मियों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ अब तक जारी है। खबरों के मुताबिक, कुल चार आतंकियों ने होटल के अंदर घुसकर वहां मौजूद स्टाफ और मेहमानों पर फायरिंग शुरू की थी। इस हमले में कई लोगों के घायल होने की खबर है। दो आतंकियों के मारे जाने की बात भी कही जा रही है। इस हमले को 26/11 को भारत के ताज होटल पर हुए हमले के जैसा बताया जा रहा है।

सुबह मिली जानकारी के मुताबिक, मुठभेड़ अबतक जारी है। टोलोन्यूज टीवी के पत्रकार के मुताबिक, सात घंटों से ज्यादा का वक्त बीत चुका है, लेकिन दोनों ही तरफ से लगातार फायरिंग हो रही है। होटल के तीसरे और चौथे फ्लोर पर एक-एक आतंकी मौजूद है। ऐसा कहा जा रहा है कि उन्होंने वहां कई लोगों को बंधक बनाया हुआ है। इससे पहले एएफपी ने रिपोर्ट में बताया था कि घायल हुए 6 लोगों को अस्पताल ले जाया गया है। उन्होंने भी दो हमलावर के मारे जाने की बात कही थी। अफगान गृह मंत्रालय पहले ही इस आतंकी हमले की पुष्टि कर चुका है। सूत्रों की मानें तो हाल में ही होटल की सुरक्षा का जिम्मा एक निजी सुरक्षा कंपनी को दिया गया था। होटल में फंसे स्टाफ के रिश्तेदारों ने बताया कि आतंकियों ने होटल के एंट्रेंस पर ही सिक्यॉरिटी गार्ड्स को मार गिराया था और वे किचन के जरिए होटल के अंदर पहुंचे थे। आतंकियों ने होटल में आग भी लगा दी थी। होटल की बिजली भी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए काट दी गई है। सुरक्षाबल हेलिकॉप्टर के जरिए होटल की छत पर उतरे। 


होटल से बच निकले एक व्यक्ति ने बताया था कि हमलावर अंदर मौजूद लोगों पर अंधाधुंध फायरिंग कर रहे हैं। अफगान मंत्रालय के प्रवक्ता नसरत रहिमी ने बताया कि बहुत सारे लोग मारे गए हैं और 6 घायल हुए हैं। होटल के मैनेजर अहमद हारिस नायाब ने बताया कि आतंकी होटल के मुख्य भाग में प्रवेश कर गए और वहां से बचकर निकल रहे लोगों पर फायरिंग शुरू कर दी। हमले के दौरान होटल से जान बचाकर भागने में सफल रहे एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि कम से कम 15 लोग मारे गए हैं या घायल हुए हैं। होटल की पहली और दूसरी मंजिलों पर ज्यादा नुकसान हुआ है। फिलहाल गोलीबारी से दहशत बरकरार है। 


काबुल में स्थित अमेरिकी दूतावास ने कहा कि उन्होंने गुरुवार को ही अपने नागरिकों को चेतावनी दे दी थी। उन्हें पता था कि कुछ चरमपंथी संगठन काबुल में होटलों को अपना निशाना बना सकते हैं। 

2011 में भी इसी होटल पर हुआ था हमला 

गौरतलब है कि यह दूसरी बार है जब इस होटल पर हमला हुआ है। इससे पहले जून 2011 में भी इंटरकॉन्टिनेंटल होटल पर हमला हुआ था। उस समय 9 हमलावरों ने 12 लोगों को मौत के घाट उतार दिया था। 5 घंटे तक बंधक संकट रहा और बाद में सभी हमलावर मारे गए थे।