काम के दवाब और एक-दूसरे को वक्त न दे पाने के कारण मेट्रो सिटी में रहनेवाले ज्यादातर कपल भावनात्मक उतार-चढ़ाव से गुजर रहे हैं। इससे उनकी बेडरूम लाइफ पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। अगर आप भी इस तरह की दिक्कत का सामना कर रहे हैं तो यहां दिए जा रहे कुछ टिप्स आपकी इस समस्या को दूर कर सकते हैं...

कई शोध साबित कर चुके हैं कि तनाव और थकान के कारण सेक्स में अरुचि होती है। इसलिए जरूर है कि आप अपने पार्टनर को कंफर्ट का एहसास कराएं। शुरुआत बॉडी मसाज से भी की जा सकती है।

पार्टनर पर अपनी पसंद थोपने की जगह दोस्ताना रवैया रखें। इस समय उसके शब्दों पर नहीं बॉडी लैंग्वेज से समझें कि वह क्या मसहसूस कर रही/ रहा है। शब्दों और बॉडी लैंग्वेज से उसकी भावनाओं को समझने की कोशिश करें, उसके दोस्त बनें....। ऐसा होने पर इंटिमेसी में वक्त नहीं लगेगा।

यदि पार्टनर कंफर्टेबल नहीं है तो स्वयं पहल करें। रोमांचक गतिविधि जैसे मूवी देखने, लॉन्ग ड्राइव पर जाने, रोमांटिक म्यूजिक सुनने के लिए समय निकालें। ये सब तनाव का स्तर कम करते हैं।

रिश्तों में खुलापन तभी आएगा, जब आपसी संवाद होगा। रिश्ते से पार्टनर की इच्छाएं व अपेक्षाएं क्या हैं, यह जानना जरूरी है। साथ ही उसे भावनात्मक संबल भी दें। सिर्फ अपेक्षाएं न रखें।

शोध बताते हैं कि जिन बच्चों को बड़ों के बीच में बोलने पर अधिक रोका-टोका जाता है, उन्हें बाद में पार्टनर के साथ फिजिकल-इमोशनल इंटिमेसी में समय लग सकता है। इस बात को समझते हुए अपने पार्टनर की मदद करें। प्यार भरे स्पर्श से उन पलों की शुरुआत करें। खुद रिलैक्स रहें उसे रिलैक्स होने में मदद करें।ओशो ने अपनी पुस्तक 'इंटिमेसी : ट्रस्टिंग वनसेल्फ ऐंड द अदर' में लिखते हैं, 'इंटिमेसी का अर्थ है, दिल की गहराई से निकलनेवाली भावना। फीलिंग नहीं होगी तो इंटिमेसी भी नहीं होगी। दिल से पूछें कि क्या वाकई आपके मन में दूसरे के लिए भावनाएं हैं? अगर इसका जवाब नहीं दे पा रहे हैं तो खुद को टटोलें। भरोसा रखें, एक दिन वह लगाव फिर से पैदा होगा, जिसका आपको इंतजार है।