बिलासपुर । कड़ाकड़ाती ठंड में निर्मोही मां ने एक दिन की नवजात बच्ची को कुदुदंड स्थित मातृ छाया में छोड़कर चंपत हो गई। रात में मासूम ठंड से अकड़ रही थी। लिहाजा, उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।


सामाजिक संस्था सेवा भारती की ओर से लावारिस नवजात बच्चों को पनाह देने के लिए कुदुदंड में मातृछाया गृह का संचालन किया जा रहा है। बुधवार की सुबह गेट के पास लगे झूले में एक दिन की नवजात बच्ची ठंड से अकड़ रही थी।उसकी हालत देखकर कर्मचारियों ने उसे तत्काल इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। मासूम बच्ची का नाम पलक रखा गया। सुबह से लेकर शाम तक अस्पताल में उसका उपचार चलता रहा। फिर भी उसे नहीं बचाया जा सका।


इलाज के दौरान शाम को उसकी मौत हो गई। इस मामले की सूचना पर पुलिस ने शव का पंचनामा व पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद धारा 318 के तहत अपराध दर्ज कर लिया है।


लोक-लाज के भय से छोड़ने की आशंका 


माना जा रहा है कि किसी ने बच्ची को जन्म देने के बाद लोकलाज के भय से उसे मातृ छाया में छोड़ दी होगी। बहरहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है