नई दिल्ली विश्व हिंदू परिषद से दरकिनार कर दिए गए प्रवीण तोगड़िया अब अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं. स्वामी चिन्मयानंद ने साफ तौर पर कह दिया है कि प्रवीण तोगड़िया का वीएचपी से अब कोई लेनादेना नहीं है. इसके बाद तोगड़िया ने 14 जनवरी को मुंबई में हुए एक कार्यक्रम का निमंत्रण पत्र मीडिया में भेजकर यह जताने की कोशिश की है कि वे ही विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष हैं.


मीडिया को निमंत्रण पत्र भेज किया दावा


दरअसल, तोगड़िया ने 14 जनवरी को मुंबई में अमृत महोत्सव समिति की ओर से आयोजित कार्यक्रम का एक निमंत्रण पत्र मीडिया को भेजा है. इसमें विशिष्ट अतिथि के रूप में तोगड़िया को विहिप का अन्तर्राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष बताया गया है. कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक, साध्वी ऋतंभरा, आरएसएस के सरकार्यवाह भैयाजी जोशी ने भी शिरकरत की थी.


इस पत्र के साथ ही एक फोटो भी भेजी गई है, जिसमें  तोगड़िया साध्वी ऋतंभरा के बगल में बैठे दिख रहे हैं. तोगड़िया ने यह पत्र और फोटो भेजकर दावा किया है कि वे ही विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष हैं.

गौरतलब है कि प्रवीण तोगड़िया द्वारा सरकार पर उनके खिलाफ साजिश करने और एनकाउंटर करवाने की साजिश रचने जैसे आरोपों के बाद ना केवल आरएसएस बल्कि वीएचपी ने भी पूरे विवाद से खुद को अलग कर लिया था और अब स्वामी चिन्मयानंद ने कहा है कि प्रवीण तोगड़िया का फिलहाल वीएचपी से कोई लेनादेना नहीं है.


स्वामी चिन्मयानंद ने क्या कहा था


इलाहाबाद में होने वाले संत सम्मेलन में स्वामी चिन्मयानंद ने कहा कि तोगड़िया का विश्व हिंदू परिषद से अब कोई संबंध नहीं है. हमारे यहां अनुशासनहीनता के लिए कोई जगह नहीं है. उन्होंने तोगड़िया के चुनाव करवाने के फैसले को भी गलत बताया. उन्होंने कहा कि प्रवीण तोगड़िया के नाम पर ना तो कोई चर्चा होगी और ना ही हम करने देंगे.


VHP के मार्गदर्शक मंडल के सदस्य हैं स्वामी


स्वामी चिन्मयानंद ने कहा कि राम मंदिर पर भी ना तो कोई प्रस्ताव आएगा और ना ही पास होगा. प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री योगी तक सभी लोग अदालत के फैसले का इंतजार कर रहे हैं. जैसे ही फैसला आएगा हमारी सरकार मंदिर बनाने में हमें मदद करेगी, पहले की सरकारें अड़ंगा डालती थीं. बता दें कि स्वामी चिन्मयानंद VHP के मार्गदर्शक मंडल के सदस्य हैं.


VHP के अधिवेशन में दिखाए थे बागी तेवर


कभी हिंदुत्व के फायरब्रांड नेता रहे प्रवीड़ तोगड़िया काफी अरसे से हाशिये पर हैं. गुजरात चुनाव के दौरान भी भाजपा ने हिंदुत्व चेहरे की भरपाई योगी आदित्यनाथ से की. इससे पहले भुवनेश्वर में 25 से 30 दिसंबर को विहिप के 6 दिवसीय अधिवेशन में भी तोगड़िया ने बागी तेवर दिखाया था. तब आरएसएस के सरकार्यवाह भैयाजी जोशी ने बीच-बचाव किया था.

बता दें कि राजस्थान की एक अदालत से गिरफ्तारी का वॉरंट सामने आने के बाद प्रवीण तोगड़िया रहस्यमयी अंदाज में गायब हो गए थे. वह करीब 11 घंटे बाद बेहोशी की हालत में अहमदाबाद में मिले थे. उन्हें एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था. अगले दिन अस्पताल से उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी और कहा था कि उनके एनकाउंटर की साजिश हो रही है. उन्होंने केंद्र सरकार के मुखिया पीएम नरेंद्र मोदी और अहमदाबाद पुलिस पर अपने खिलाफ साजिश करने का आरोप लगाया था.